धर्मशाला में केंद्रीय विश्वविद्यालय 30 करोड़ के फेर में अटका:255 करोड़ का काम रुका, सांसद बोले- हक के लिए लड़ेंगे, जनचेतना आंदोलन करेगी




हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयू) के धर्मशाला परिसर का निर्माण कार्य 255 करोड़ रुपये का बजट मंजूर होने के बावजूद पिछले चार वर्षों से अधर में लटका हुआ है। इस प्रशासनिक अड़चन को लेकर क्षेत्र में भारी रोष है। सामाजिक संस्था ‘जनचेतना’ ने धर्मशाला परिसर के हक में जन आंदोलन शुरू करने का ऐलान कर दिया है, जिसे कांगड़ा-चंबा के सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज का समर्थन भी मिला है। सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा धर्मशाला परिसर के लिए स्वीकृत 255 करोड़ रुपये पिछले चार साल से विश्वविद्यालय के खाते में उपलब्ध हैं। हालांकि, चिन्हित वन भूमि पर निर्माण के लिए पर्यावरण संबंधी प्रतिपूर्ति (कैंपा) और अन्य निर्धारित शुल्क के रूप में करीब 30 करोड़ रुपये जमा कराए जाने हैं। प्रदेश सरकार की ओर से यह राशि जमा न होने के कारण निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा है। सांसद के अनुसार, केंद्र सरकार अपना बजट दे चुकी है, लेकिन राज्य सरकार की इस देनदारी में केंद्र सीधे हस्तक्षेप नहीं कर सकता। विभाजन और भेदभाव पर उठे सवाल सांसद भारद्वाज ने याद दिलाया कि शुरुआत में पूरा सीयू परिसर धर्मशाला में ही बनना तय हुआ था। बाद में इसे धर्मशाला और देहरा के बीच 50-50 प्रतिशत और फिर 70-30 के फॉर्मूले में बांट दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि देहरा में परिसर बनने से किसी को आपत्ति नहीं है, लेकिन धर्मशाला के हिस्से का काम रोकना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जनचेतना का अल्टीमेटम: चक्का जाम की दी चेतावनी जनचेतना के अध्यक्ष आरसी कटोच, सचिव राजीव राणा और पंकज शर्मा की मौजूदगी में हुई बैठक में सर्वसम्मति से जन आंदोलन का निर्णय लिया गया। संस्था ने चेतावनी दी है कि यदि प्रदेश सरकार ने जल्द 30 करोड़ रुपये की बकाया राशि जमा कराकर अड़चन दूर नहीं की, तो लोगों को लामबंद कर बड़ा आंदोलन और चक्का जाम किया जाएगा। अब सभी की निगाहें राज्य सरकार के अगले रुख पर टिकी हैं कि यह 30 करोड़ रुपये की औपचारिकता कब पूरी होती है और धर्मशाला परिसर का निर्माण धरातल पर कब शुरू हो पाता है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *