Headlines

धर्मशाला MLA सुधीर शर्मा पर FIR दर्ज:आय से अधिक संपत्ति मामले में विजिलेंस का एक्शन; जांच के दायरे में बैंक खाते-संपत्तियां




हिमाचल प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के बीच राज्य विजिलेंस एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने धर्मशाला से भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। विजिलेंस ने धर्मशाला थाना में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई प्रारंभिक जांच में जुटाए गए दस्तावेजों और मूल्यांकन रिपोर्टों के आधार पर की गई है। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियों ने विधायक की चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों, निवेश, आय के स्रोतों और अन्य वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों का प्रारंभिक परीक्षण किया था। विभिन्न सरकारी एजेंसियों, जिनमें लोक निर्माण विभाग (PWD) भी शामिल है, से आवासीय भवनों और अन्य परिसंपत्तियों का मूल्यांकन कराया गया है। इन्हीं तकनीकी रिपोर्टों और तथ्यों के आधार पर एफआईआर दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की गई है। अब जांच एजेंसियां संपत्तियों के अधिग्रहण की समयावधि, धन के स्रोत, बैंकिंग लेन-देन, निवेश और आयकर अभिलेखों के सत्यापन पर ध्यान केंद्रित करेंगी। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विभागों, वित्तीय संस्थानों और अन्य व्यक्तियों से भी जानकारी जुटाई जाएगी और पूछताछ की जा सकती है। प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे पहले भी विजिलेंस सार्वजनिक धन के दुरुपयोग और धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में कार्रवाई कर चुकी है। विपक्ष के प्रमुख नेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद इस मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और विधायक सुधीर शर्मा के बीच लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक मतभेदों के कारण इस कार्रवाई के राजनीतिक निहितार्थ भी निकाले जा रहे हैं। हालांकि, विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई उपलब्ध दस्तावेजों, तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा। 300 भूमि रजिस्ट्रियां भी जांच के घेरे में
विजिलेंस पिछले कुछ समय से धर्मशाला और आसपास के क्षेत्रों में भूमि खरीद-फरोख्त के मामलों की भी गहन जांच कर रही है। राजस्व विभाग से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जुटाए जा चुके हैं। इसी क्रम में धर्मशाला तहसील कार्यालय से रक्कड़ निवासी नेक राम के नाम पर दर्ज करीब 300 भूमि रजिस्ट्रियों की सत्यापित प्रतियां भी अपने कब्जे में ली गई हैं। जांच का दायरा वर्ष 2007 से अब तक हुए भूमि लेन-देन तक फैला हुआ है। जांच एजेंसियां इन दस्तावेजों का राजस्व रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन और अन्य उपलब्ध अभिलेखों से मिलान कर रही हैं। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में प्रॉपर्टी कारोबारियों और भूमि से जुड़े लोगों के बीच भी हलचल देखी जा रही है। विधायक का पक्ष
विधायक सुधीर शर्मा के कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार वह इन दिनों दिल्ली दौरे पर हैं और उनके लौटने के बाद इस मामले में विस्तृत प्रतिक्रिया जारी की जाएगी। कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से प्रेरित है तथा विधायक उचित समय पर अपना पक्ष सार्वजनिक करेंगे।
इस बीच सुधीर शर्मा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट साझा करते हुए मुख्यमंत्री पर राजनीतिक दुर्भावना से कार्रवाई कराने का आरोप लगाया। उन्होंने भाजपा विधायक रणधीर शर्मा का एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें कथित रूप से मुख्यमंत्री के ठेकेदारी कार्यों और कुछ बिल्डरों से जुड़े संबंधों को लेकर आरोप लगाए गए हैं। पोस्ट में दावा किया गया है कि जिन व्यक्तियों के माध्यम से कथित रूप से ठेकेदारी की जाती थी, उनमें से एक के मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रहा है, जबकि दूसरे बिल्डर से जुड़े मामलों में वर्तमान सरकार द्वारा टीसीपी (TCP) अधिनियम में संशोधन किए गए हैं।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *