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नवोदय और केवीएस की तर्ज पर बदली सरकारी-स्कूल की तस्वीर:स्टूडेंट्स कर रहे अंग्रेजी में प्रार्थना और मेडिटेशन; मिशन मानस के तहत हुए बदलाव




पाली जिला कलेक्टर रविंद्र गोस्वामी की प्रेरणा से संचालित ‘मिशन मानस’ के तहत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, चवाड़िया में शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार किए जा रहे हैं। स्कूल में स्टूडेंट्स को पढ़ाई के साथ- साथ नेतृत्व, अनुशासन और आत्मविश्वास विकसित करने के उद्देश्य से विभिन्न सह-शैक्षणिक गतिविधियां भी करवाई जा रही है। इन्हें नवोदय विद्यालय (NVS) और केंद्रीय विद्यालय (KVS) की तर्ज पर करवाया जा रहा है, जिसके संचालन की जिम्मेदारी भी स्टूडेंट्स को ही सौंपी गई है। स्कूल में रोजाना सुबह 7:20 बजे प्रार्थना सभा आयोजित होती है, जिसका पूरा संचालन स्टूडेंट्स अंग्रेजी माध्यम में करते हैं। प्रार्थना सत्र में व्यायाम, सरस्वती वंदना, भ्रामरी, मेडिटेशन, समाचार वाचन, जीके क्विज, ‘थॉट ऑफ द डे’, बाल कविता और समूहगान जैसी गतिविधियां शामिल रहती हैं। इससे स्टूडेंट्स के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ उनकी अभिव्यक्ति और मंच संचालन क्षमता भी निखर रही है। स्कूल में नवोदय विद्यालय की तर्ज पर एमओसी (मास्टर ऑफ क्लास) प्रणाली भी लागू की गई है। इसके तहत स्टूडेंट प्रतिदिन अपनी कक्षा की सकारात्मक और नकारात्मक गतिविधियों का रिकॉर्ड तैयार करते हैं। आठवें कालांश में प्रधानाचार्य दिनेश कुमार इसकी समीक्षा करते हैं और अगले दिन की कार्ययोजना तैयार कराई जाती है। इस व्यवस्था से स्टूडेंट्स में स्वअनुशासन, जिम्मेदारी और नेतृत्व क्षमता का विकास हो रहा है। स्कूल के वार्षिकोत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अन्य आयोजनों में मंच संचालन से लेकर विभिन्न व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी भी स्टूडेंट्स ही निभाते हैं। लगातार हो रही सह-शैक्षणिक गतिविधियों का सकारात्मक प्रभाव बच्चों के व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और संप्रेषण कौशल पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। स्कूल में स्वच्छता को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। शौचालयों की नियमित सफाई के लिए स्टूडेंट्स ने क्राउड फंडिंग के माध्यम से राशि एकत्र की है। इस राशि के उपयोग, लेखा-जोखा और संपूर्ण प्रबंधन की जिम्मेदारी भी स्टूडेंट्स स्वयं संभालते हैं, जिससे उनमें पारदर्शिता, जवाबदेही और सामाजिक सहभागिता की भावना मजबूत हो रही है। 19 पद स्वीकृत, कार्यरत केवल 12
स्कूल में कुल 19 पद स्वीकृत हैं, जबकि वर्तमान में प्रधानाचार्य सहित केवल 9 कार्मिक और 3 पंचायत शिक्षक, यानी कुल 12 सदस्यीय टीम कार्यरत है। सीमित संसाधनों और स्टाफ की कमी के बावजूद जनवरी 2026 से प्रधानाचार्य दिनेश कुमार के नेतृत्व में लगातार नवाचार किए जा रहे हैं। इन प्रयासों का सकारात्मक असर स्टूडेंट्स के ओवरऑल डेवलमेंट पर भी पड़ा है।



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