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नहीं हुई मीटिंग, सरकार ने मांगी गैरहाजिर रहे कर्मियों की सूची, कार्रवाई की तैयारी




पुरानी पेंशन स्कीम (ओपीएस), डीए के बकाया एरियर और कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने समेत 9 प्रमुख मांगों को लेकर वीरवार को पंजाब के सभी 23 जिलों में 7 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स हड़ताल पर रहे। सरकारी दफ्तरों और सेवाओं का कामकाज प्रभावित हुआ। कर्मचारियों व सरकार के बीच बातचीत भी नहीं हो सकी। इसके बाद शाम को सरकार ने गैरहाजिर कर्मचारियों की सूची तलब कर ली है। विभाग ने साफ किया है कि अनुपस्थित कर्मचारियों के मामलों में लागू सेवा नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। 52 विभागों के मुखिया को कार्मिक विभाग ने यह बताने के निर्देश दिए हैं कि कौन-कौन गैरहाजिर रहे, किन-किन ने मास लीव पर रहे।यह आदेश सभी स्पेशल चीफ सेक्रेटरी, एडिशनल चीफ सेक्रेटरी, फाइनेंशियल कमिश्नर, प्रिंसिपल सेक्रेटरी और प्रशासनिक सचिवों को भेजा गया है। वहीं दिन में सरकारी तो दफ्तर खुले रहे, लेकिन कामकाज ठप रहा। सरकारी अस्पतालों और आम आदमी क्लीनिकों की ओपीडी बंद रहने से मरीज परेशान हुए, जबकि तहसीलों में रजिस्ट्रियां नहीं हो सकीं। जालंधर समेत कई जिलों में कर्मचारियों और पुलिस के बीच धक्कामुक्की हुई। पटियाला में सेहत मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के निवास का घेराव करने से रोकने पर कर्मचारियों ने बैरिकेड तोड़ दिए और करीब आधे घंटे तक वहीं डटे रहे। हड़ताल, सोशल मीडिया पर पोस्ट और एक्शन 7:00 PM से देर शाम तक हुआ प्रदर्शन 1:00 PM सीएम के साथ मीटिंग रखी थी ये प्रमुख मांगें पटियाला में बैरिकेड तोड़ने का प्रयास करते हड़ताली मुलाजिम। क्या प्रभावित हुआ (सुशील कुमार, प्रधान पंजाब सिविल सचिवालय स्टाफ एसो.) {राज्य के 52 विभागों को का​र्मिक विभाग ने पत्र भेजा हड़ताल खत्म दो दिन सरकार के पुतले फूंकेंगे… सांझा मुलाजिम मंच के प्रधान सुखचैन सिंह खैहरा ने कहा कि 30 अगस्त को लुधियाना में एमरजेंसी बैठक बुलाई है। इसमें 65 से ज्यादा मुलाजिम संगठनों के नेता शामिल होंगे। इसी दिन आंदोलन का ऐलान होगा। तब तक सरकार के पुतले फूंके जाएंगे। सरकार का कहना है कि बिना अनुमति ड्यूटी से गैरहाजिर रहने वालों पर सर्विस रूल्स के तहत कार्रवाई होगी। सूत्रों के मुताबिक, प्रोबेशन पर चल रहे कर्मचारियों और प्रमोशन प्रक्रिया में शामिल कर्मचारियों के रिकॉर्ड भी जांचे जा सकते हैं। भ्रष्टाचार या अन्य अनियमितताओं की पहले से शिकायत वाले कर्मचारियों के मामलों की भी समीक्षा संभव है। आगे }सर्विस रूल्स के तहत एक्शन, भ्रष्टाचार के आरोपी कर्मियों की भी समीक्षा संभव 1. 18% बकाया डीए जारी करने की मांग 2. पुरानी पेंशन योजना बहाल हो 3. कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए 4. 37 बंद भत्ते और एसीपी स्कीम बहाल हो 5. कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना लागू हो 6. ग्रेच्युटी की सीमा बढ़ाई जाए 7. वेतन आयोग का बकाया जारी किया जाए 8. मानदेय कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन मिले 9. 2020 के बाद भर्ती कर्मचारियों पर लागू केंद्रीय वेतनमान वापस हो सचिवालय का कामकाज- अधिकारी मौजूद रहे, लेकिन कर्मचारियों के नहीं आने से फाइलों का काम प्रभावित। राजस्व सेवाएं- इंतकाल, प्रमाण पत्र, जमीन-जायदाद से जुड़े काम और अन्य आवेदन अटके। सरकारी स्कूलों में पढ़ाई- शिक्षक और कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहे। सरकारी कॉलेजों में शैक्षणिक गतिविधियां- शिक्षक-कर्मचारियों की गैरहाजिरी से असर। अस्पतालों की नियमित सेवाएं- फार्मेसी अधिकारी, स्टाफ नर्स आदि के हड़ताल पर रहने से मरीजों को परेशानी। आम लोगों के सरकारी काम- कई सेवाओं के लिए लोगों को वापस लौटना पड़ा या काम आगे के लिए टल गया। 12:01 PM सीएम की पोस्ट: हड़ताल और बातचीत एकसाथ नहीं 4:40 PM सरकार का एक्शन : ​सरकार ने गैर-हाजिर रहे कर्मचारियों का डाटा मांगा सीएम ने कहा कि हड़ताल और मीटिंग एकसाथ नहीं हो सकती सीएम ने बातचीत से पहले हड़ताल छोड़ने को कहा था, आप हड़ताल क्यों नहीं छोड़ी? मीटिंग का समय 1 बजे का था, जिन नेताओं ने बैठक में शामिल होना था, सभी पहुंचे थे, कोई चंडीगढ़ से आया था, कोई लुधियाना से। सभी सीएम का इंतजार कर रहे थे। लेकिन सीएम ने 1 घंटा पहले ही कहा- पहले हड़ताल वापस लो। कर्मचारी हक मांग रहे हैं। मीटिंग से पहले चैलेंज किया जाए तो कोई बैठक में क्यों जाएगा। सरकार ने गैरहाजिर कर्मचारियों की सूची मांगी है, एक्शन भी हो सकता है? फिर क्या हुआ। सरकारें कर्मचारियों को दबाने के लिए ऐसी चाल चलती रहती हैं। हमारा पहले का सामूहिक छुट्टी लेकर हड़ताल में शामिल होने का प्लान था, सभी कर्मचारियों ने ऐसा ही किया है। हम इसका जवाब देंगे। जवाब क्या होगा, जल्द बताएंगे। अब आप की आगे की क्या तैयारी है, क्या आंदोलन जारी रहेगा? दो दिन पंजाब भर में सरकार के पुतले फूंके जाएंगे। लुधियाना की मीटिंग में आगे की रणनीति तय होगी।



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