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पूंजी के अभाव में मछली पालन कर रहे किसानों के लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से बड़ी राहत दी गई है। नालन्दा जिले में नीली क्रांति को गति देने और मत्स्य पालकों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है। इस मुहिम का मुख्य लक्ष्य मछुआरों और मत्स्य कृषकों को समय पर, आसान और पारदर्शी तरीके से बैंकों से ऋण दिलाना है, ताकि वे मछली का जीरा, चारा, दवा और तालाब के रखरखाव के लिए साहूकारों के चंगुल से मुक्त हो सकें। हर शुक्रवार प्रखंड स्तर पर लगेंगे विशेष मेगा कैंप पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक के निर्देश पर नालन्दा जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। योजना के तहत अब प्रत्येक शुक्रवार को सुबह 10 बजे से प्रखंड स्तर पर मेगा कैंप आयोजित किए जाएंगे, जहां किसानों से सीधे आवेदन लेकर हाथों-हाथ स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यदि शुक्रवार को अवकाश रहता है, तो अगले कार्य दिवस पर यह शिविर लगेगा। अभियान को सफल बनाने के लिए जिला स्तर पर जिला मत्स्य पदाधिकारी और लीड बैंक मैनेजर को संयुक्त संयोजक नियुक्त किया गया है, जो बैंकों से समन्वय बनाकर आवेदनों की निगरानी करेंगे। सस्ते ब्याज पर बिना गारंटी दो लाख रुपये तक का कर्ज इस योजना के तहत केवल मछली पालन से जुड़े किसानों को बिना किसी गारंटी के 02 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि समग्र कृषि कार्यों में यह सीमा अधिकतम 03 लाख रुपये तक है। इस ऋण पर सामान्यतः 07 प्रतिशत सालाना ब्याज दर निर्धारित है, लेकिन समय पर कर्ज चुकाने वाले किसानों को 03 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। इस प्रकार किसानों को महज 04 प्रतिशत के प्रभावी ब्याज पर यह ऋण मिल सकेगा। योजना के लिए आवश्यक पात्रता और जरूरी दस्तावेज योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का पेशेवर मछुआरा, मत्स्य पालक, मछली विक्रेता या मत्स्यजीवी सहयोग समिति अथवा स्वयं सहायता समूह का सदस्य होना जरूरी है। आवेदक के पास अपना निजी तालाब होना चाहिए या फिर न्यूनतम 07 से 10 वर्षों के लिए पट्टे पर लिया गया जलाशय होना अनिवार्य है। आवेदन के लिए पहचान पत्र के रूप में आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर आईडी, आवासीय प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक की छायाप्रति, निजी तालाब की अद्यतन रसीद या लीज का स्टाम्प पेपर एग्रीमेंट, पासपोर्ट आकार की रंगीन फोटो और चालू मोबाइल नंबर आवश्यक होगा। समय सीमा के भीतर लक्ष्य पूरा करने का संकल्प जिला मत्स्य पदाधिकारी शंभु प्रसाद ने बताया कि जिले में इस विशेष अभियान को सफल बनाने के लिए सभी प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रखंड स्तरीय मेगा कैंपों के माध्यम से जिले के सभी 9,912 लक्षित मत्स्य पालकों को तय समय सीमा के भीतर केसीसी का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा।
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नालंदा- 9912 मछुआरों को किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ेगा प्रशासन:सस्ते ब्याज पर बिना गारंटी दो लाख तक का कर्ज, हर शुक्रवार प्रखंड स्तर पर लगेंगे विशेष मेगा कैंप
