Headlines

‘निशांत भैया हॉस्टल आइए, नहीं तो वार्डन मुझे मार देगी’:सुसाइड के प्रयास से पहले स्वास्थ्य मंत्री को GNM छात्रा का मैसेज; होश में आकर सुनाई आपबीती




मुजफ्फरपुर के SKMCH में GNM इंस्टीट्यूट में 2 अक्टूबर को सुसाइड का प्रयास करने वाली छात्रा सुप्रिया अब होश में आ गई है। करीब 28 घंटे वेंटिलेटर पर रहने के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ। होश में आने के बाद सुप्रिया ने अपने साथ हुई घटनाओं और सुसाइड के प्रयास से पहले की पूरी बात बताई। उसने वार्डन किरण कुमारी पर करीब 6 महीने से मानसिक रूप से परेशान करने और टॉर्चर करने का आरोप लगाया है। सुप्रिया के अनुसार, सुसाइड का प्रयास करने से पहले उसने अपने पिता को फोन कर कहा था- “पापा, मैं यहां नहीं रहूंगी।” इसके बाद उसने स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के इंस्टाग्राम पर मैसेज किया। सुप्रिया का दावा है कि उसी दिन उसने मंत्री को लिखा था- “निशांत भैया, हॉस्टल आइए, नहीं तो यहां की वार्डन मुझे मार देगी।” इसके बाद उसने व्हाट्सऐप पर भी स्टेटस लगाया और फिर नींद की दवा क्लोनाजेपाम की कई गोलियां खा लीं। उसने बताया कि वह करीब छह महीने से परेशान थी और लगातार हो रहे कथित टॉर्चर से तंग आकर उसने यह कदम उठाया। ‘बीमार होती थी तो वार्डन फोन स्विच ऑफ कर देती थी’ सुप्रिया ने आरोप लगाया कि वार्डन की ओर से उसे लगातार परेशान किया जाता था। तबीयत खराब होने पर भी उसकी परेशानी को गंभीरता से नहीं लिया जाता था। उसका कहना है कि वार्डन कई बार फोन तक स्विच ऑफ कर लेती थी। सुप्रिया के मुताबिक, बिना किसी स्पष्ट वजह के उसका अटेंडेंस काट दिया जाता था। उसने बताया कि सुसाइड के प्रयास से पहले लगातार तीन दिनों तक उसका अटेंडेंस काटा गया था। 22 सितंबर की घटना का जिक्र करते हुए उसने कहा कि वह कॉलेज में मौजूद थी, इसके बावजूद उसका अटेंडेंस काटा गया। सुप्रिया ने इस मामले की जांच कराने की मांग की है। ‘कहती थी- प्रिंसिपल चले जाएंगे, तुम्हें कौन बचाएगा’ सुप्रिया का आरोप है कि जब वह वार्डन की शिकायत प्रिंसिपल राम अवतार शर्मा से करती थी तो वार्डन उसे कहती थी कि प्रिंसिपल का ट्रांसफर होने वाला है, वह चले जाएंगे, “तुम्हें कौन बचाएगा।” सुप्रिया का कहना है कि प्रिंसिपल उसकी तबीयत और परिस्थितियों को समझते थे और इसी वजह से उसे उनका सपोर्ट मिलता था। वार्डन के व्यवहार को लेकर वह लगातार परेशान थी। ‘गलत बातें फैलाई गईं, बॉयफ्रेंड से बात करने का आरोप लगाया’ सुप्रिया ने आरोप लगाया कि उसके बारे में गलत बातें भी फैलाई गईं। उसके बारे में कहा गया कि वह बॉयफ्रेंड से बात करती है और इसी वजह से उसकी मानसिक स्थिति खराब है। सुप्रिया ने इन बातों को गलत बताया। उसने यह भी कहा कि पहले जब वह भर्ती हुई थी, तब उससे एक एप्लीकेशन लिखवाया गया था। इसके बाद से वह और ज्यादा परेशान रहने लगी थी और उसके सिर में भी दर्द रहने लगा था। ‘गर्ल्स हॉस्टल में वार्डन के पति और बेटे के रहने की भी जांच हो’ सुप्रिया ने गर्ल्स हॉस्टल में वार्डन के पति और बेटे के रहने का भी आरोप लगाया है। उसका कहना है कि गर्ल्स हॉस्टल में पुरुषों का रहना नहीं होना चाहिए, लेकिन वार्डन के पति और बेटा वहां रहते थे और उसे उनसे भी कथित तौर पर परेशानी होती थी। सुप्रिया ने स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से वार्डन के खिलाफ कार्रवाई करने और उसे हटाने की अपील की है। उसने कहा कि हॉस्टल के CCTV फुटेज समेत पूरे मामले की जांच कराई जाए। उसके अनुसार, CCTV और रिकॉर्ड की जांच से यह स्पष्ट हो सकता है कि उसके साथ क्या हुआ था। पिता के पहुंचने पर वार्डन के नहीं मिलने का भी आरोप सुप्रिया ने बताया कि जब उसने अपने पिता को शिकायत की और वे हॉस्टल पहुंचे तो वार्डन उनसे मिलने तक नहीं आईं। छात्रा का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। 2 अक्टूबर को किया था सुसाइड का प्रयास सुप्रिया ने 2 अक्टूबर को सुसाइड का प्रयास किया था। इसके बाद उसे SKMCH के ICU में भर्ती कराया गया था, जहां करीब 28 घंटे तक वेंटिलेटर पर रखा गया। धीरे-धीरे उसकी हालत में सुधार हुआ और अब वह काफी हद तक होश में है। स्वास्थ्य में सुधार के बाद उसने पहली बार अपने साथ हुई घटनाओं और सुसाइड से पहले की पूरी स्थिति के बारे में बताया है। सुप्रिया के लगाए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। बता दें कि मामले में कॉलेज प्रशासन ने पहले ही मामले की जांच के लिए पांच सदस्य टीम गठित कर दी है। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *