Headlines

नूंह में मदरसा छात्राओं ने निकाली तिरंगा यात्रा:एक हाथ में कुरान, दूसरे में तिरंगा लेकर चली, छात्र भी हुए शामिल




नूंह शहर में पसमांदा फाउंडेशन के तत्वावधान में बुधवार को विभिन्न मदरसों के छात्रों ने तिरंगा यात्रा निकाली। इस यात्रा में 500 से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया, जिनके एक हाथ में कुरान और दूसरे में तिरंगा था। यात्रा का उद्देश्य देश प्रेम का संदेश देना था। तिरंगा यात्रा यासीन मेव डिग्री कॉलेज से शुरू होकर शहर के मुख्य बाजार से होते हुए गांधी पार्क तक पहुंची। रास्ते भर बच्चों के हाथों में लहराता तिरंगा और कुरान का संदेश लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। मदरसों को जेहादी इदारा कहने वालों को जवाब : मेराज पसमांदा फाउंडेशन के निदेशक मोहम्मद मेराज राईन ने मदरसों को लेकर बनाई जाने वाली नकारात्मक धारणाओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह यात्रा उन लोगों के लिए जवाब है जो मदरसों को जेहादी इदारा कहते हैं। राईन ने जोर दिया कि मदरसे में पढ़ने वाले बच्चों के हाथ में कुरान जरूर है, लेकिन उनके दिल में देश के प्रति भी उतनी ही मोहब्बत है। फाउंडेशन के सदस्यों ने बताया कि एक हाथ में कुरान और दूसरे हाथ में तिरंगा यह संदेश देता है कि धार्मिक शिक्षा और देश प्रेम एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मदरसे के बच्चे भी देश की तरक्की और समाज की मुख्यधारा में अपनी भूमिका निभाने का जज्बा रखते हैं। यहां देखें फोटो… कंप्युटर शिक्षा को जमीनी स्तर पर पहुंचाने की आवश्यकता : राईन मोहमद मेराज राईन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस कथन का भी जिक्र किया, जिसमें मदरसे के विद्यार्थियों के एक हाथ में कुरान और दूसरे हाथ में कंप्यूटर का माउस होने की बात कही गई थी। उन्होंने सरकार से मदरसों में आधुनिक शिक्षा और कंप्यूटर की सुविधाएं बढ़ाने की मांग करते हुए कहा कि केवल बातों से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर कंप्यूटर शिक्षा पहुंचाने की आवश्यकता है। यात्रा में छात्राओं की भागीदारी ने भी एक खास संदेश दिया। फाउंडेशन सदस्यों ने कहा कि मदरसे में पढ़ने वाली बेटियां अब केवल घर की चारदीवारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे शिक्षा, समाज और देशहित के कार्यों में भी सक्रिय रूप से आगे बढ़ रही हैं।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *