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पटना नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स के दायरे से बाहर रह गई संपत्तियों को टैक्स नेटवर्क में शामिल करने और राजस्व संग्रह बढ़ाने की कवायद तेज कर दी है। डोर-टू-डोर सर्वे के बाद अब अलग-अलग वार्डों में विशेष कर निर्धारण शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में नागरिक अपनी संपत्ति का नया कर निर्धारण, पुनर्निर्धारण, विवरण में बदलाव या संशोधन और बकाया प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान करा सकेंगे। दो चरणों में होंगे टैक्स असेसमेंट शिविर नगर निगम की ओर से शिविरों का आयोजन दो चरणों में किया जाएगा। पहला चरण 5 से 7 अक्टूबर और दूसरा चरण 8 से 10 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। घर-घर जाकर चिह्नित होंगी टैक्स से बाहर संपत्तियां नगर निगम ने सभी सफाई निरीक्षकों और सेक्टर सुपरवाइजरों को अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर ऐसी संपत्तियों की पहचान करने का निर्देश दिया है, जिनका अब तक टैक्स असेसमेंट नहीं हुआ है या दोबारा टैक्स असेसमेंट की जरूरत है। चिह्नित संपत्तियों की जानकारी संबंधित कार्यपालक पदाधिकारियों को दी जाएगी। इसके अलावा निगम का कंट्रोल रूम ऐसे बिजली उपभोक्ताओं से भी संपर्क करेगा, जिनकी संपत्तियां अभी प्रॉपर्टी टैक्स के दायरे में नहीं आई हैं। उन्हें शिविरों की जानकारी देकर टैक्स असेसमेंट कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा। बकाया टैक्स जमा करने की भी सुविधा शिविरों में प्रॉपर्टी टैक्स का असेसमेंट कराने के साथ बकाया टैक्स जमा करने की सुविधा भी मिलेगी। नगर निगम के अनुसार, 1 अक्टूबर 2026 से बकाया प्रॉपर्टी टैक्स पर हर महीने 1.5 प्रतिशत की पेनाल्टी लागू हो गई है। निगम ने बकायेदारों से जल्द कर भुगतान करने और अतिरिक्त पेनाल्टी से बचने की अपील की है।
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प्रॉपर्टी टैक्स से बाहर मकान अब टैक्स दायरे में आएगी:कल से लगेंगे विशेष शिविर, सफाई निरीक्षक और सेक्टर सुपरवाइजर करेंगे संपत्तियों की पहचान
