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नूंह जिले के पिनगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में फरीदाबाद एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने मंगलवार शाम रिश्वतखोरी के आरोप में एक डॉक्टर और एक हेल्थ वर्कर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान AMO डॉ. वीरपाल और मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर मोनू शर्मा के रूप में हुई है। यह मामला पिनगवां थाने में दर्ज एक मुकदमे से संबंधित है। ACB अधिकारियों के अनुसार, पलवल जिले के होडल तहसील के एक गांव निवासी शिकायतकर्ता ने ब्यूरो को बताया था कि उसके बेटे के खिलाफ पिनगवां थाने में एक केस दर्ज है। इसी मामले में उसके बेटे के पक्ष में मेडिकल ओपिनियन देने और समझौता कराने के लिए साढ़े तीन लाख रुपए की रिश्वत मांगी गई थी। पहले लिए थे 15 हजार रुपए शिकायतकर्ता के अनुसार, साढ़े तीन लाख रुपए में सौदा तय हुआ था। आरोप है कि रिश्वत की यह रकम पहले भी करीब 15 हजार रुपए ऑनलाइन और कुछ नकद के रूप में ली जा चुकी थी। इसके बाद शिकायतकर्ता ने एंटी करप्शन ब्यूरो से संपर्क किया। शिकायत का सत्यापन करने के बाद फरीदाबाद ACB ने मंगलवार शाम पिनगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जाल बिछाया। आरोप है कि तय रकम की किश्त के रूप में ढाई लाख रुपए लिए जा रहे थे, तभी ACB टीम ने मोनू शर्मा को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। इस मामले में डॉक्टर वीरपाल को भी गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों से की जा रही पूछताछ ACB अधिकारियों ने बताया कि मोनू शर्मा की भूमिका रिश्वत की रकम लेने में सामने आई है। ब्यूरो अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रहा है ताकि यह पता चल सके कि इस मामले में कोई और व्यक्ति शामिल है या नहीं। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी।
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नूंह में रिश्वत लेते AMO- हेल्थ वर्कर अरेस्ट:ढाई लाख लेते रंगे हाथ पकड़े गए, मेरिकल रिपोर्ट बनाने, समझौता कराने के लिए मांगे रुपए
