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पंचकूला शहर में आवारा कुत्तों की नसबंदी और रेबीज रोधी टीकाकरण का काम एक बार फिर अटक गया है। पहले टेंडर में कंपनियों की अरुचि और दूसरी बार की प्रक्रिया में कागजी खामियों के चलते पंचकूला नगर निगम (MC) को तीसरी बार एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) प्रोग्राम के लिए टेंडर जारी करना पड़ा है। सुप्रीम कोर्ट के कड़े निर्देशों के बीच एजेंसी तय न होने से शहर में कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। निगम की ओर से जारी शर्तों के अनुसार, ठेका शुरुआत में 1 साल के लिए दिया जाएगा, जिसे काम संतोषजनक रहने पर 1 साल और बढ़ाया जा सकेगा। चुनी गई एजेंसी को एबीसी रूल्स 2023, सुप्रीम कोर्ट और एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया (AWBI) के नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। नए टेंडर की बिड 9 अक्टूबर को ओपन होंगी। अब जानिए, नगर निगम की ओर से जारी टेंडर की शर्ते… अस्पताल में रोजाना 20 डॉग बाइट केस, पिछला ठेका जून में हुआ खत्म सेक्टर-6 स्थित सिविल अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक, रोजाना 20 से 22 कुत्ते के काटने के मामले सामने आ रहे हैं। इस साल के शुरुआती 6 महीनों में अस्पताल में 7,600 केस दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि पिछले पूरे साल पंचकूला में 14,230 मामले आए थे। 2,000 कुत्तों की नसबंदी का पिछला ठेका जून 2026 में लक्ष्य पूरा होने के साथ खत्म हो गया था, जिसके लिए एजेंसी को प्रति कुत्ता ₹1,472 का भुगतान किया गया था। लक्ष्य पूरा होने के बावजूद मामले कम न होना स्थिति की गंभीरता को बयां कर रहा है।
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पंचकूला में तीसरी बार कुत्तों की नसबंदी का टेंडर:नियमों के फेर में फंसी MC; हर रोज 20 डॉग बाइट केस, जून में खत्म पुराना वर्कऑर्डर
