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पंजाब में जमीन अधिग्रहण में देरी और राज्य सरकार की ओर से जमीन उपलब्ध न करवाए जाने के कारण वर्षों से अटके 3 बड़े रेल प्रोजेक्ट अब केंद्र सरकार अपने स्तर पर पूरा करेगी। केंद्रीय रेल मंत्री ने लोकसभा में एक सवाल के जवाब में इसकी जानकारी दी। रेल मंत्री ने बताया कि इन परियोजनाओं के लिए जमीन खरीदने से लेकर निर्माण कार्य तक का पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाएगी। इन प्रोजेक्ट्स को रणनीतिक, सामाजिक और धार्मिक महत्व को देखते हुए केंद्र ने इन्हें आगे बढ़ाने का फैसला लिया है। इसके अलावा बठिंडा-राजपुरा रेल रूट पर ट्रेनों की अधिकतम गति सीमा बढ़ाकर 110 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई है। इससे इस मार्ग पर रेल संचालन पहले से अधिक तेज और सुविधाजनक हो सकेगा। अब तीनों प्रोजेक्टों को तीन प्वाइंटों में जानिए: –
राजपुरा-मोहाली रेल लाइन को मंजूरी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि 443 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली 18 किलोमीटर लंबी राजपुरा-मोहाली नई रेल लाइन को मंजूरी मिल चुकी है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद बठिंडा, धूरी, सरहिंद और राजपुरा से चंडीगढ़ व मोहाली का सीधा रेल संपर्क स्थापित हो जाएगा। ट्रेनें बिना रुकावट सीधे मोहाली तक पहुंच सकेंगी फिलहाल मालवा क्षेत्र से आने वाली ट्रेनों को अंबाला होकर जाना पड़ता है और राजपुरा में इंजन की दिशा बदलनी पड़ती है, जिससे यात्रा का समय बढ़ जाता है। नई रेल लाइन और 412 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली राजपुरा बाईपास लाइन के बाद ट्रेनें बिना रुकावट सीधे मोहाली तक पहुंच सकेंगी। जमीन चिह्नित कर अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू रेल मंत्री ने बताया कि इस परियोजना के लिए 73 हेक्टेयर जमीन चिह्नित कर अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं, राजपुरा-मोहाली रेल लाइन के लिए वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
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पंजाब में अटके 3 रेल प्रोजेक्ट बनाएगी केंद्र सरकार:खुद वहन करेगी अधिग्रहण का पूरा खर्च, चंडीगढ़-राजपुरा लाइन के लिए ₹100 करोड़
