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पंजाब में एंप्लॉइज फेडरेशन पंजाब से जुड़े कर्मचारियों ने राज्य सरकार और संबंधित विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे कर्मचारियों ने अब आंदोलन को तेज करने की पूरी तैयारी कर ली है। कर्मचारियों का आरोप है कि 12 से 16 साल तक लगातार सेवा देने के बावजूद उन्हें अभी तक संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) पर नहीं रखा गया है, जो उनके साथ सरासर अन्याय है। सरकार के ‘दोहरे रवैये’ पर जताया रोष प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि जहां एक तरफ 12 से 16 साल का अनुभव रखने वाले कर्मचारियों की अनदेखी की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ महज तीन साल की सेवा वाले सीएचबी (CHB) कर्मचारियों को अनुबंध पर रखने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। कर्मचारियों के मुताबिक, सरकार का यह दोहरा रवैया उनके अधिकारों का हनन है, जिससे सभी वर्गों में गहरा रोष व्याप्त है। आश्वासनों से टूटना शुरू हुआ सब्र का बांध कर्मचारी नेताओं के अनुसार, अपनी जायज मांगों को लेकर वे सरकार और प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकें कर चुके हैं। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि हर बैठक में हमें जल्द कार्रवाई करने और एक निर्धारित समय-सीमा के भीतर आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी करने का लॉलीपॉप थमा दिया जाता है। लेकिन धरातल पर अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।” – कर्मचारियों का सीधा आरोप है कि विभाग उनसे दिन-रात काम तो ले रहा है, लेकिन जब उनके हक और संविदा पर रखने की बात आती है, तो मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। ‘वर्क बायकॉट’ और अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी लगातार मिल रहे आश्वासनों से तंग आकर अब एंप्लॉइज फेडरेशन ने सरकार को आर-पार की चेतावनी दे दी है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि उनकी मांगों को तुरंत स्वीकार कर जल्द ही आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया, तो आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा। कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि वे आने वाले दिनों में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ सकते हैं और पूर्ण काम बंद (वर्क बायकॉट) जैसा सख्त कदम उठा सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस हड़ताल के कारण पंजाब में सरकारी कामकाज ठप होता है और आम जनता को परेशानी होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी पंजाब सरकार और संबंधित प्रशासन की होगी।
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पंजाब में एंप्लॉइज फेडरेशन से जुड़े कर्मचारियों के साथ भेदभाव:12-16 साल की सेवा के बाद भी नहीं मिला अनुबंध, आंदोलन की चेतावनी
