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पंजाब में किसानों का रेल रोकने का ऐलान:12 बजे तक फैसले का इंतजार, मांगें नहीं मानीं तो 5 जगह पटरियों पर बैठेंगे




किसान मजदूर मोर्चा की ओर से आज दोपहर 12 बजे पंजाब के पांच स्थानों पर रेल रोको आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया गया है। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि अगर पंजाब सरकार ने उनकी मांगों पर दोपहर 12 बजे से पहले कोई ठोस फैसला नहीं लिया तो गुरदासपुर, अमृतसर, मोगा, फिरोजपुर और संगरूर-सुनाम में रेलवे ट्रैक जाम किए जाएंगे। सरवन सिंह पंधेर इस समय अमृतसर के देवीदासपुरा रेलवे ट्रैक पर किसानों के साथ मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि रात के समय हुई भारी बारिश के बावजूद किसान रेलवे ट्रैक पर डटे हुए हैं। पंधेर ने कहा कि बारिश के कारण किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंच रहा है, लेकिन अपनी मांगों को लेकर किसान पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं। CM मान को मांगों से अवगत कराया
पंधेर ने बताया कि किसान मजदूर मोर्चा की ओर से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखकर अपनी मांगों से अवगत कराया गया था। इसके बाद 31 अगस्त को डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के सामने बड़ा एकत्रीकरण कर मांग पत्र भी दिया गया। इसके अलावा पिछले तीन दिनों से किसान पंजाब के कैबिनेट मंत्रियों के घरों के बाहर धरना दे रहे हैं। मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं
पंधेर का आरोप है कि इसके बावजूद सरकार की ओर से उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। किसान नेता ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान दोपहर 12 बजे से पहले किसानों की मांगों को लेकर कोई ठोस फैसला लेंगे। अगर ऐसा नहीं हुआ तो पांच स्थानों पर रेल यातायात रोका जाएगा। ये है किसान मजदूर मोर्चे की प्रमुख मांगें
किसान मजदूर मोर्चे की प्रमुख मांगों में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते, बिजली संशोधन अधिनियम और बीज संशोधन अधिनियम को लेकर स्पष्टीकरण शामिल है। इसके अलावा शंभू-खनौरी मोर्चे के दौरान हुए नुकसान का मुआवजा देने की मांग की जा रही है। इस दौरान करीब 3 करोड़ 77 लाख रुपए का नुकसान हुआ और सैकड़ों किसान घायल हुए। किसान नेता मूंग, मक्का और आलू समेत पांच फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग भी कर रहे हैं। साथ ही पंजाब में गिरते भूजल स्तर और नदी के पानी की सुरक्षा, लैंड पूलिंग नीति, भारतमाला परियोजना के तहत जमीन अधिग्रहण और चिप वाले बिजली मीटरों से जुड़े मुद्दे भी उनकी मांगों में शामिल हैं। इसके बाद 18 सितंबर की शाम बैठक कर आंदोलन की समीक्षा और आगे की रणनीति तय की जाएगी।



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