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पंजाब सरकार द्वारा शुरू की जाएंगी चार विशाल शोभा यात्राएं:गुरू रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित होंगे समागम




पंजाब में श्री गुरु रविदास जी का 650वां जन्म दिवस पूरा साल मनाने के फैसले के तहत पंजाब सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर तैयारियां आरंभ कर दी गई हैं। इस संबंध में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सांस्कृतिक मामलों के सहायक सलाहकार दीपक बाली और कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद की मौजूदगी में एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। वित्त मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा राज्य भर में गांवों से लेकर शहरों तक गुरु साहिबान की वाणी के प्रचार व प्रसार के लिए लड़ीवार समागम करवाए जा रहे हैं। इसी कड़ी के तहत स्कूलों-कॉलेजों में लेख मुकाबले, सेमिनार, ड्रोन शो और कीर्तन दरबारों का सिलसिला लगातार जारी है। देश के अलग-अलग हिस्सों से निकलेंगी चार शोभा यात्राएं मीटिंग में लिए गए अहम फैसले की जानकारी देते हुए चीमा ने बताया कि गुरु साहिबान के प्रकाश पर्व को समर्पित देश के विभिन्न हिस्सों से चार विशाल शोभा यात्राएं आरंभ होंगी, जो विभिन्न पड़ाव तय करती हुई श्री खुरालगढ़ साहिब पहुंचेगी। पहली शोभा यात्रा (वाराणसी से खुरालगढ़ साहिब)- यह यात्रा 30 नवंबर को वाराणसी से शुरू होगी और कानपुर, दिल्ली, अंबाला, एस.ए.एस. नगर और रूपनगर से होते हुए 3 दिसंबर को खुरालगढ़ साहिब पहुंचेगी। दूसरी शोभा यात्रा (फरीदकोट से खुरालगढ़ साहिब)- यह यात्रा 2 दिसंबर को फरीदकोट से शुरू होकर फिरोजपुर, मोगा, लुधियाना, एस.बी.एस. नगर और गढ़शंकर के रास्ते 3 दिसंबर को खुरालगढ़ साहिब पहुंचेगी। तीसरी शोभा यात्रा (बठिंडा से खुरालगढ़ साहिब)- यह यात्रा 1 दिसंबर को बठिंडा से आरंभ होकर बरनाला, मानसा, लहरागागा, संगरूर, पटियाला, फतेहगढ़ साहिब, मोरिंडा और रूपनगर से होती हुई 3 दिसंबर को खुरालगढ़ साहिब में समाप्त होगी। चौथी शोभा यात्रा (जम्मू से खुरालगढ़ साहिब)- यह यात्रा पड़ोसी राज्य जम्मू से 30 नवंबर को शुरू होगी और पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरन तारन, कपूरथला, जालंधर और होशियारपुर से होती हुई 3 दिसंबर को खुरालगढ़ साहिब पहुंचेगी। अंतिम समागम और अखंड पाठ साहिब के भोग शोभा यात्राओं के पूरा होने के उपरांत श्री खुरालगढ़ साहिब में मुख्य धार्मिक समागमों की शुरुआत होगी। 4 दिसंबर को श्री अखंड पाठ साहिब की आरंभता होगी और 6 दिसंबर 2026 को अखंड पाठ साहिब के भोग डाले जाएंगे। सरकार ने समूह संगत को इन धार्मिक समागमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है।



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