Headlines

पठानकोट में नशेड़ियों के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूटा:टीके लगा रहे 2 युवक पकड़े; आरोपी बोले-दिहाड़ी के पैसों से खरीदा नशा




पठानकोट के वार्ड नंबर 35 (मॉडल टाउन, कच्चा क्वाटर क्षेत्र) में खुलेआम बिक रहे नशे और सिरिंज से टीके लगाने की बढ़ती घटनाओं से तंग आकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। वार्ड के पार्षद लक्की पहलवान और मोहल्ला निवासियों ने भगत मंदिर के पास एक ऑटो में बैठकर नशीले टीके लगा रहे 2 युवकों को रंगे हाथों काबू कर लिया। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय निवासियों ने पुलिस प्रशासन व पंजाब सरकार के ‘नशे के खिलाफ युद्ध’ के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। पकड़े युवकों का बड़ा खुलासा: दिहाड़ी के ₹300 का नशा खरीदा मौके पर मौजूद लोगों और मीडिया द्वारा की गई पूछताछ में पकड़े गए युवकों ने स्वीकार किया कि वे पिछले 4-5 सालों से नशा कर रहे हैं। युवकों ने ऑन-कैमरा दावा किया कि उन्होंने अपनी दिनभर की मजदूरी के ₹300 में से ₹250 का नशीला पदार्थ एक युवक से खरीदा था। युवकों के अनुसार, उक्त युवक मंदिर के पास और पिछली गली से सरेआम नशा बेचता है और उसने इलाके के कई युवकों को अपने नेटवर्क में जोड़ रखा है। मकान ढहाने के बाद भी नहीं रुका कारोबार: पार्षद सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे पार्षद लक्की पहलवान ने स्थिति पर गहरा रोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जिस युवक का नाम सामने आ रहा है, उसका मकान कुछ समय पहले पंजाब पुलिस ने बुल्डोजर से ढहाया भी था। इसके बावजूद वह बेखौफ होकर पिछले 8-10 सालों से ‘चिट्टा’ और नशीले टीके बेच रहा है। पुलिस पर मिलीभगत के आरोप: पार्षद और मोहल्ला निवासियों ने आरोप लगाया कि नशा बेचने वालों को शह मिल रही है। पुलिस गश्त और सख्त कार्रवाई के अभाव में नशा तस्कर बेखौफ हैं। सरकारी अभियानों पर सवाल: स्थानीय निवासियों मालटा व अन्य ने कहा कि सरकार का ‘नशों विरुद्ध युद्ध’ धरातल पर पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। नशा करने वाले मजबूर युवकों को पकड़ने के बजाय नशा बेचने वाले मुख्य ‘किंगपिन’ सलाखों के पीछे भेजा जाना चाहिए। मोहल्ला निवासियों की एसएसपी पठानकोट से गुहार इलाका निवासियों ने बताया कि नशा पूर्ति के लिए ये नशेड़ी युवक मोहल्ले में सिलेंडरों और अन्य सामान की चोरियां कर रहे हैं। उन्होंने एसएसपी पठानकोट से मांग की है कि: मुख्य तस्करों की गिरफ्तारी: केवल नशा करने वालों पर नहीं, बल्कि नशा सप्लाई करने वाले मुख्य सरगनाओं पर कानूनी शिकंजा कसा जाए।संबंधित क्षेत्र के पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय हो और ढिलाई बरतने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए। युवा पीढ़ी की सुरक्षा: मॉडल टाउन, चार मरला और कच्चा क्वाटर क्षेत्र में पुलिस की नियमित गश्त बढ़ाई जाए ताकि मासूम बच्चों और युवाओं को इस दलदल में फंसने से बचाया जा सके।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *