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राजस्थान हाईकोर्ट ने भरण-पोषण से जुड़े एक मामले में बीकानेर फैमिली कोर्ट का आदेश रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि भरण-पोषण के मुकदमों में दोनों पक्षों को अपनी आय और संपत्ति का सही ब्योरा देना जरूरी है। यह मामला नई दिल्ली निवासी पति और बीकानेर की पत्नी के बीच का है। पति ने आरोप लगाया था कि पत्नी ने भरण-पोषण का केस दाखिल करते समय अपनी असली आय और संपत्तियों की जानकारी छिपाई है। हाईकोर्ट ने कहा- सुप्रीम कोर्ट की ‘रजनेश बनाम नेहा’ गाइडलाइन का पालन करना अनिवार्य है। गलत जानकारी देने पर संबंधित पक्ष के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई होगी। निचली अदालत ने पति का आवेदन खारिज कर दिया था, जिसे हाईकोर्ट ने गैर-कानूनी बताया। अब हाईकोर्ट ने मामले को वापस बीकानेर फैमिली कोर्ट भेज दिया है, ताकि नियमानुसार कार्रवाई हो सके।
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पत्नी ने भरण-पोषण केस में छिपाई जानकारी:हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट का फैसला रद्द कर कार्रवाई के दिए निर्देश
