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पलवल में नशीला कफ सिरप बेचने वाले दो सप्लायर अरेस्ट:फर्जी सिम का इस्तेमाल करते, गिरफ्तारी से बचने के लिए व्हाटसएप कॉल करते




पलवल जिले में एंटी व्हीकल थेफ्ट (एवीटी) स्टाफ हथीन टीम ने 1560 नशीले कफ सिरप तस्करी मामले में लंबे समय से फरार चल रहे दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने साइबर सेल की मदद से इन आरोपियों को नारनौल से पकड़ा। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान उटावड निवासी अंसार उर्फ टिमानी और अजहरुद्दीन के रूप में हुई है। एवीटी स्टाफ प्रभारी एसआई तेजपाल ने बताया कि, इस पूरे मामले की शुरुआत 13 मई को हुई थी। उटावड थाना क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान पुलिस टीम ने एक लावारिस सफेद क्रेटा गाड़ी बरामद की थी। गाड़ी की तलाशी लेने पर उसमें से 13 पेटियों में पैक कुल 1560 शीशियां प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप मिली थी। एक आरोपी पहले ही पकड़ा जा चुका पुलिस ने तब उटावड थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस ने पहले आरोपी कासम उर्फ पटवारी को गिरफ्तार किया था। मामले में मुख्य भूमिका निभाने वाला अंसार उर्फ टिमानी पुलिस से बचने के लिए शातिराना तरीके अपना रहा था। जांच में सामने आया कि वह पुलिस की लोकेशन ट्रैकिंग से बचने के लिए फर्जी दस्तावेजों पर लिए गए सिम कार्ड बदल-बदल कर इस्तेमाल कर रहा था। वह सामान्य कॉल की जगह केवल व्हाट्सएप कॉल के जरिए अपने नेटवर्क से बात करता था ताकि पकड़ा न जा सके। पुलिस ने आरोपी को दो दिन की रिमांड पर लिया पुलिस ने आरोपी अंसार को कोर्ट में पेश कर गहन पूछताछ और इस रैकेट के अन्य सहयोगियों का पता लगाने के लिए दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। इस मामले में गिरफ्तार दूसरा आरोपी अजहरुद्दीन मुख्य रूप से अंसार को पुलिस से बचाने के लिए बैकएंड सपोर्ट दे रहा था। उसने अंसार को पुलिस की गिरफ्त से भागने और छिपने के लिए वित्तीय सहायता मुहैया कराई थी। इसके अलावा, वह अंसार को तकनीकी रूप से छुपाने के लिए अपने मोबाइल फोन का इंटरनेट हॉटस्पॉट इस्तेमाल करने के लिए देता था। कोर्ट के आदेशानुसार अजहरुद्दीन को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।



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