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पानीपत शहर के सबसे पॉश इलाकों में शुमार एल्डिको एस्टेट में पेड़ों की बेधड़क छंटाई के कारण बेजुबान पक्षियों पर गहरा संकट आ गया। पक्षियों के ब्रीडिंग (प्रजनन) सीजन के दौरान की गई इस छंटाई से पेड़ों पर बने हजारों घोंसले टूटकर गिर गए, जिससे बड़ी संख्या में पक्षियों के अंडे और छोटे-छोटे बच्चे नष्ट हो गए। इतने बेजुबान पक्षियों की मौत के बावजूद भी मौके पर पेड़ों की कटाई-छंटाई का काम जारी था, जिसकी जानकारी मिलते ही पक्षी प्रेमियों और स्थानीय निवासियों में भारी रोष फैल गया। लोगों ने इसे पर्यावरण और वन्यजीवों के प्रति गंभीर और अमानवीय लापरवाही करार दिया है। सड़कों पर तड़प रहे बच्चे, मरने की कगार पर कई पक्षी हादसे के बाद पेड़ों से गिरे कई पक्षियों के बच्चे सड़कों पर भटकते और तड़पते देखे गए। संवेदनशील पक्षी प्रेमियों ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए कुछ बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है, लेकिन कई बच्चे अब भी सड़कों पर लावारिस घूम रहे हैं और गंभीर रूप से घायल होने के कारण मरने की कगार पर हैं। वाइल्डलाइफ इंस्पेक्टर ने रुकवाया काम, चालान काटा मामले की सूचना मिलते ही वाइल्डलाइफ इंस्पेक्टर सुनील कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और तुरंत प्रभाव से पेड़ों की छंटाई का काम रुकवाया। वाइल्डलाइफ इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने बताया कि यह पक्षियों के ब्रीडिंग का सीजन है और ऐसे समय में पेड़ों की कटाई/छंटाई के कारण बड़ी संख्या में पक्षियों और उनके बच्चों की जान गई है। वन विभाग ने वन्य प्राणी सुरक्षा अधिनियम 1972 के तहत एल्डिको एस्टेट प्रबंधन का चालान काट दिया है। रेस्क्यू के बाद होगी आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पहली प्राथमिकता सड़कों पर भटक रहे और घायल पक्षियों के सभी बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू करने की है। इसके लिए विभागीय स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।विभाग ने स्पष्ट किया है कि पक्षियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के बाद पूरे मामले की गहनता से जांच की जाएगी और नियमों के उल्लंघन पर जिम्मेदार लोगों व प्रबंधन के खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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पानीपत एल्डिको में पक्षियों के हजारों आशियाने उजाड़े:पेड़ों की करवाई अंधाधुंध कटाई; अंडे और बच्चे नष्ट, वन विभाग ने लिया एक्शन
