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पिपलियामंडी चौपाटी पर शौचालय की सुविधा नहीं होने से बस यात्रियों और आम लोगों को परेशानी हो रही है। इस समस्या को लेकर कांग्रेस ने रविवार देर शाम एमपीआरडीसी को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने 15 दिन के भीतर चौपाटी पर शौचालय की व्यवस्था कराने की मांग की है। जिला कांग्रेस महामंत्री अनिल शर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने बही टोल प्लाजा कंपनी के सहायक मैनेजर संजय शिंदे से मुलाकात की। उन्हें एमपीआरडीसी प्रबंधक के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में बताया गया कि पिपलियामंडी चौपाटी से नगर और आसपास के 50 से 60 गांवों के सैकड़ों यात्री रोजाना बसों से आते-जाते हैं। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं। शौचालय नहीं होने के कारण यात्रियों को खुले में शौच के लिए मजबूर होना पड़ता है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि फोरलेन निर्माण के बाद सड़क सहित दूसरी समस्याओं का असर आम लोगों पर पड़ रहा है। उनका कहना है कि बसों से टोल वसूला जा रहा है, लेकिन चौपाटी पर यात्रियों के लिए जरूरी सुविधाएं नहीं हैं। शौचालय नहीं होने से महिला यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। नगर पंचायत ने फोरलेन कंपनी को बताया जिम्मेदार नगर पंचायत का कहना है कि शौचालय बनाने की जिम्मेदारी फोरलेन निर्माण कंपनी की है। हालांकि, निर्माण एजेंसी की ओर से इस संबंध में अभी स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। ऐसे में शौचालय निर्माण की जिम्मेदारी को लेकर स्थिति साफ नहीं है। 15 दिन में सुविधा नहीं मिली तो आंदोलन की चेतावनी कांग्रेस ने एमपीआरडीसी से 15 दिन के भीतर शौचालय की व्यवस्था कराने की मांग की है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि तय समय में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी एमपीआरडीसी की होगी। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस संयुक्त सचिव मुकेश पोरवाल, जिला कांग्रेस के पूर्व सचिव महेंद्र गेहलोत, पूर्व मंडलम अध्यक्ष दिनेश गुप्ता, कांग्रेस नेता भेरूपप्पू गुर्जर, छोटेलाल सैनी, अनिल मुलासिया और किशोर टेलर कनघट्टी सहित अन्य कांग्रेसजन मौजूद रहे। टोल मैनेजर गणेश ने बताया कि कांग्रेस ने एमपीआरडीसी के नाम ज्ञापन दिया है। सोमवार को जनरल मैनेजर को इसकी जानकारी दी जाएगी। इसके बाद नियमानुसार समाधान का प्रयास किया जाएगा।
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पिपलियामंडी चौपाटी पर शौचालय की सुविधा नहीं:50-60 गांवों के यात्रियों को परेशान, कांग्रेस ने एमपीआरडीसी को दिया 15 दिन का समय
