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पीएम मोदी की रैली में डीएसपी से भिड़े शीतल अंगुराल:बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं और वीआईपी के अपमान का लगाया गंभीर आरोप




जालंधर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली के दौरान पूर्व विधायक शीतल अंगुराल और एक पंजाब पुलिस के डीएसपी के बीच तीखी बहस का मामला सामने आया है। शीतल अंगुराल ने पुलिस अधिकारी पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेताओं, पूर्व सांसदों और पूर्व मंत्रियों को जानबूझकर परेशान करने और अपमानित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस कमिश्नर के साथ तय हुए प्रोटोकॉल के बावजूद डीएसपी ने उनके वीआईपी वाहनों (टेंपो ट्रैवलर्स) को आयोजन स्थल तक जाने से रोक दिया, जिसके कारण बुजुर्ग नेताओं को रामा मंडी फ्लाईओवर से पैदल ही कार्यक्रम स्थल तक जाना पड़ा। आधी रात को बना था ट्रैफिक और सुरक्षा का प्लान शीतल अंगुराल ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर पूरे घटनाक्रम की सच्चाई साझा की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जालंधर में रेलवे स्टेशन के जीर्णोद्धार और वाराणसी जाने वाली ट्रेन के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। इस बड़े कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर एक रात पहले यानी करीब 12:30 बजे जालंधर के पुलिस कमिश्नर के साथ भाजपा के वरिष्ठ कोर ग्रुप नेताओं की एक अहम बैठक हुई थी। इस बैठक में सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस कमिश्नर ने एक विशेष सुझाव दिया था। सुझाव यह था कि सभी वीआईपी नेता अपनी निजी गाड़ियां एक तय होटल में खड़ी कर दें। वहां से सभी वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग 8 टेंपो ट्रैवलर गाड़ियों में बैठाकर कार्यक्रम स्थल तक ले जाया जाए, ताकि आयोजन स्थल पर गाड़ियों की भारी भीड़ और जाम की स्थिति न बने। ₹58,000 खर्च कर बुक किए गए थे टेंपो ट्रैवलर शीतल अंगुराल ने बताया कि पार्टी ने पुलिस के इस प्रोटोकॉल का पूरा सम्मान किया। रात के करीब 1:30 बजे भाग-दौड़ करके ₹58,000 की लागत से 8 टेंपो ट्रैवलर गाड़ियों का इंतजाम किया गया। सुबह सभी पूर्व मंत्रियों, पूर्व सांसदों, मौजूदा सांसदों और पूर्व आईएएस अधिकारियों को आईडी कार्ड चेक करने के बाद इन गाड़ियों में बैठाकर जालंधर कैंट स्टेशन के लिए रवाना किया गया। इन गाड़ियों के साथ पुलिस की पायलट और एस्कॉर्ट गाड़ियां भी मौजूद थीं। रामा मंडी फ्लाईओवर पर डीएसपी ने रोका रास्ता विवाद तब शुरू हुआ जब नेताओं से भरी गाड़ियां रामा मंडी फ्लाईओवर के ऊपर पहुंचीं। शीतल अंगुराल के मुताबिक, वहां तैनात एक डीएसपी ने इन टेंपो ट्रैवलर्स को नीचे आयोजन स्थल की तरफ जाने से साफ मना कर दिया। जब अंगुराल ने अधिकारी को पुलिस कमिश्नर के साथ तय हुए प्लान का हवाला दिया, तो डीएसपी ने कहा कि उनके सामने ऐसा कोई प्लान नहीं बना था और वह गाड़ियों को आगे नहीं जाने देंगे। शीतल ने आगे कहा की डीएसपी ने अपनी व्यक्तिगत खुंदक और राजनीतिक द्वेष के कारण हमारे वाहनों को रोका। गाड़ी में देश और राज्य के सम्मानित बुजुर्ग नेता बैठे थे, लेकिन अधिकारी ने एक नहीं सुनी वरिष्ठ नेताओं को 1 किलोमीटर चलना पड़ा पैदल अंगुराल ने आरोप लगाया कि डीएसपी की इस अड़ियल नीति के कारण पंजाब भर से आए भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, जिनमें लोकसभा चुनाव लड़ चुके बुजुर्ग नेता भी शामिल थे, को रामा मंडी पुल से उतरकर करीब 1 किलोमीटर से ज्यादा का सफर पैदल तय करना पड़ा। उन्होंने इसे वरिष्ठ नेताओं का घोर अपमान बताया। धार्मिक वीआईपी पास फाड़ने का गंभीर आरोप पूर्व विधायक ने वीडियो में एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वाराणसी जाने वाली ट्रेन में सफर करने के लिए वाल्मीकि समाज और धार्मिक संगठनों के कई वीआईपी लोग आए थे। डीएसपी ने न केवल उन्हें ब्लॉक में जाने से रोका, बल्कि उनके पास भी छीनकर फाड़ दिए। अंगुराल ने डीएसपी को चेतावनी देते हुए कहा कि पंजाब में आने वाले समय में उनकी सरकार बनेगी और ऐसे अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। शीतल अंगुराल ने जालंधर के पुलिस कमिश्नर और पंजाब के डीजीपी से मांग की है कि इस शरारती और बदतमीजी करने वाले डीएसपी के खिलाफ तुरंत विभागीय जांच बिठाई जाए। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वे पूरी पंजाब पुलिस की निंदा नहीं कर रहे हैं, क्योंकि बाकी के पुलिस बल ने दिन-रात एक करके पीएम की रैली को सफल बनाने में पूरा सहयोग दिया था।



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