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बक्सर में सांसद बोले-'गुमटी खुलने तक जारी रहेगा संघर्ष':इटाढ़ी रेलवे गुमटी आंदोलन का समर्थन , लोकसभा में भी उठाया मुद्दा




बक्सर में इटाढ़ी रोड स्थित रेलवे गुमटी को दोबारा खोलने की मांग को लेकर दलित-अतिपिछड़ा स्वाभिमान संघर्ष मोर्चा का अनिश्चितकालीन धरना रविवार को चौथे दिन भी जारी रहा। इस आंदोलन को कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल का समर्थन मिला है। बक्सर के सांसद सुधाकर सिंह ने धरना स्थल पर पहुंचकर कहा कि वह इटाढ़ी रेलवे गुमटी खोलने का मुद्दा लोकसभा में भी उठा चुके हैं और जब तक सरकार मांग नहीं मान लेती, संघर्ष जारी रहेगा। सांसद सुधाकर सिंह के साथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय भी धरना स्थल पर मौजूद थे और उन्होंने आंदोलनकारियों की मांगों का समर्थन किया। सांसद ने बताया कि बक्सर की जनता लंबे समय से इटाढ़ी रेलवे गुमटी को आम आवागमन के लिए खोलने की मांग कर रही है। गुमटी बंद होने से विद्यार्थियों, किसानों, मरीजों, व्यापारियों और आम नागरिकों को प्रतिदिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने इसे किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि आम जनता की सुविधा और अधिकार का मुद्दा बताया। धरने का नेतृत्व कर रहे सरोज राजभर ने बताया कि इटाढ़ी रोड स्थित रेलवे ओवरब्रिज क्षतिग्रस्त होने के बावजूद रेलवे गुमटी बंद कर दी गई है। इसके कारण हजारों लोगों को प्रतिदिन लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि गुमटी को दोबारा खोलने के लिए स्थानीय प्रशासन और रेलवे विभाग से कई बार मांग की गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। आंदोलनकारियों ने यह भी बताया कि पूर्व में भी इसी मांग को लेकर अनशन किया गया था। उस समय अधिकारियों के आश्वासन पर आंदोलन समाप्त कर दिया गया था, लेकिन वादा पूरा न होने के कारण उन्हें दोबारा अनिश्चितकालीन धरना शुरू करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस बार केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा और रेलवे गुमटी खुलने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने दोहराया कि गुमटी बंद होने से मरीजों, स्कूली बच्चों, किसानों और व्यापारियों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। श्रावणी मेले के दौरान गंगा स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं और कांवरियों को भी अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है।
आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही रेलवे गुमटी नहीं खोली गई तो शुक्रवार को रेलवे ट्रैक पर उतरकर रेल रोको आंदोलन और रेल चक्का जाम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बार आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक रेलवे और प्रशासन उनकी मांग पर ठोस निर्णय नहीं ले लेते। वहीं सांसद सुधाकर सिंह ने भी आंदोलनकारियों को समर्थन देते हुए कहा कि जनता की सुविधा से जुड़े इस मुद्दे को हर स्तर पर उठाया जाएगा और गुमटी खुलवाने के लिए संघर्ष जारी रहेगा।



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