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बठिंडा में सरपंच का पति व शिकायतकर्ता में झगड़ा:बठिंडा कोर्ट परिसर में हुआ विवाद , सरपंच के पति ने हमला के, तो शिकायतकर्ता ने फोन तोड़ने के लगाएं आरोप




बठिंडा जिले के गांव कालझरानी की सरपंच और आम आदमी पार्टी की पूर्व जिला महिला विंग अध्यक्ष सतवीर कौर सिद्धू से जुड़े कथित रिश्वत मामले में नया विवाद सामने आया है। शिकायतकर्ता जतिंदर सिंह ने आरोप लगाया है कि 10 अक्टूबर को बठिंडा कोर्ट परिसर में सतवीर कौर के पति नरोतम सिंह ने उन पर हमला किया और उनका मोबाइल फोन छीनकर तोड़ दिया,ताकि उसके मोबाइल में पड़े उसकी पत्नी के खिलाफ सबूत खत्म हो सके।
विजिलेंस की कार्रवाई से जुड़े सिलसिले में कोर्ट परिसर पहुंचे थे
शिकायतकर्ता का दावा है कि वह सतवीर कौर की गिरफ्तारी के लिए विजिलेंस की कार्रवाई से जुड़े सिलसिले में कोर्ट परिसर पहुंचे थे। उधर, आरोपी महिला सरपंच के पति ने आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता ने उसपर हमला किया और उसके कपड़े फाड़े दिए। हालांकि, इस मामले को पुलिस के पास कोई शिकायत नहीं पहुंची, जिसके चलते पुलिस द्वारा कोई अभी तक कोई भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई है, लेकिन दोनों पक्षों की कोर्ट परिसर में आपसा में झगड़ा करने की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। नौकरी के बदले हर महीने 8,500 रुपये मांगने का आरोप
बता दे कि वर्ष 2023 में शिकायतकर्ता जतिंदर सिंह सोहल निवासी गांव भगवानगढ़ को 24 जुलाई 2023 को पंजाब स्टेट फॉरेस्ट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन में आउटसोर्सिंग के माध्यम से ड्राइवर की नौकरी मिली थी। उनकी ड्यूटी कॉरपोरेशन के चेयरमैन राकेश पुरी के साथ लगाई गई थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि नौकरी दिलाने और उसे जारी रखने के बदले गांव कालझरानी की सरपंच और आम आदमी पार्टी की पूर्व जिला महिला विंग अध्यक्ष सतवीर कौर सिद्धू ने उनसे हर महीने 10 हजार रुपये मांगे। बाद में यह रकम 8500 रुपये प्रतिमाह तय होने का दावा किया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि भुगतान से इनकार करने के बाद अक्टूबर 2023 में उन्हें नौकरी से हटा दिया गया। 25 जनवरी को विजिलेंस ने दर्ज की थी एफआईआर
जिसके बाद शिकायतकर्ता जतिंदर सिंह सोहल ने पूरे सबूतों के साथ मामले की शिकायत विजिलेंस ब्यूरो बठिंडा को दी। विजिलेंस ब्यूरों ने मामले की पड़ताल करने के बाद 25 जनवरी 2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7-A के तहत एफआईआर नंबर 2 दर्ज की गई। शिकायतकर्ता ने विजिलेंस को पेन ड्राइव में 11 ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग दी थीं। रिकॉर्डिंग के ट्रांसक्रिप्ट में कथित रकम की मांग और भुगतान से संबंधित बातचीत का उल्लेख था। मामले में कॉरपोरेशन के चेयरमैन राकेश पुरी की भूमिका भी जांच के दायरे में होने की बात सामने आई थी, लेकिन उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत ना होने के कारण उनपर कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिला अदालत और हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत
16 फरवरी 2026 को बठिंडा की अदालत ने सतवीर कौर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया। हाईकोर्ट ने 3 जून 2026 को उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने शिकायतकर्ता के साथ हुई कथित बातचीत की रिकॉर्डिंग का हवाला दिया गया। कोर्ट ने आरोपों की गंभीरता और हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए राहत देने से इनकार किया। दूसरी ओर,बचाव पक्ष ने दलील दी थी कि विवादित रकम रिश्वत नहीं, बल्कि कथित तौर पर पहले दिए गए 1.30 लाख रुपये के कर्ज की किस्त थी।



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