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बड़वानी में गणेशोत्सव के दूसरे दिन मंगलवार देर रात शहर के विभिन्न गणेश पंडालों में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। झंडा चौक स्थित बड़वानी धरोहर में रामजी का अयोध्या आगमन कार्यक्रम हुआ। पाला बाजार के मां कालिका माता मंदिर में करीब 10 साल बाद गणेशोत्सव शुरू हुआ, जहां सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। ऐतिहासिक झंडा चौक पर बड़वानी धरोहर ने 11 फीट ऊंची अष्टभुजा गणेश प्रतिमा स्थापित की है। युवाओं ने 2021 में यह आयोजन शुरू किया था, जिसके इस साल पांच साल पूरे हो रहे हैं। झंडा चौक पर श्री राम का अयोध्या आगमन कार्यक्रम झंडा चौक के बड़वानी धरोहर मंगलवार रात 9 बजे से 1 बजे तक रामजी का अयोध्या आगमन कार्यक्रम हुआ। इसमें स्थानीय बच्चों, युवाओं और कलाकारों ने अपनी प्रतिभा दिखाई। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और शहरवासी मौजूद रहे। धरोहर ग्रुप से जुड़े युवाओं का कहना है कि बड़वानी धरोहर केवल गणेशोत्सव तक सीमित आयोजन नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति, रीति-रिवाज, संस्कार और सामाजिक एकता से नई पीढ़ी को जोड़ने का प्रयास है। आयोजनों के माध्यम से धार्मिक एवं ऐतिहासिक प्रसंगों को मंच पर प्रस्तुत कर बच्चों और युवाओं को अपनी संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। बड़वानी धरोहर में गणेशोत्सव के दौरान होने वाले कार्यक्रम बड़वानी धरोहर में 16 सितंबर को पृथ्वीराज चौहान, 17 को फैंसी ड्रेस, 18 को कृष्णलीला और 19 सितंबर को मैजिक शो होगा। 20 सितंबर को निमाड़ी भजन, 21 को सीता स्वयंवर, 22 को हिंडोला महोत्सव और श्याम संकीर्तन होगा। 23 सितंबर को धरोहर विशेष प्रस्तुति और 24 सितंबर को कांतारा की प्रस्तुति होगी। 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर शील्ड वितरण के साथ आयोजन का समापन होगा। मां कालिका माता मंदिर में 10 साल बाद झंड़ा उत्सव पाला बाजार स्थित मां कालिका माता मंदिर में मंगलवार को सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। यहां करीब 10 साल बाद गणेशोत्सव मनाया जा रहा है। गणेश स्थापना के साथ शुरू हुए इस उत्सव में भगवान गणेश और भारतीय संस्कृति पर आधारित नृत्य-नाट्य प्रस्तुतियां हो रही हैं। मां कालिका माता मंदिर में गणेशोत्सव के दौरान होने वाले कार्यक्रम मंदिर में 16 सितंबर को गणपति बप्पा की संपूर्ण गाथा, 17 को शिशुपाल वध, 18 को आदिशक्ति-महिषासुर वध की प्रस्तुति होगी। 19 को अंतिम हिंदू सम्राट पृथ्वीराज चौहान, 20 को किष्किंधा कांड-बाली सुग्रीव युद्ध और 21 को नृसिंह अवतार दिखाया जाएगा। 22 को द्रौपदी चीरहरण और 23 सितंबर को वीरभद्र-शिवशक्ति के प्रचंड रूप की प्रस्तुति होगी। इन नृत्य और नाट्य के माध्यम से धार्मिक कथाओं, भारतीय संस्कृति और परंपराओं को दिखाया जा रहा है। गणेशोत्सव के आगामी दिनों में भी शहर में धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों का सिलसिला जारी रहेगा। अलग-अलग क्षेत्रों में सजे गणेश पंडालों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है और शहर में गणेशोत्सव का उत्साह नजर आ रहा है। बड़वानी में गणेशोत्सव के दौरान हुए कार्यक्रमों की तस्वीरें-
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बड़वानी धरोहर में रामजी का अयोध्या आगमन:कालिका माता मंदिर में सुंदरकांड; शहर में गणेशोत्सव के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
