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उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में शुक्रवार की सुबह कुंड में स्नान करते समय भीलवाड़ा जिले की दो सगी बहनों की मौत हो गई। दोनों महिलाएं संकल्प के तहत कुंड में डुबकी लगा रही थीं। इसी दौरान अचानक बेहोश होकर पानी में गिर गईं। मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने दोनों को बाहर निकाला और हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बद्रीनाथ थाना प्रभारी महादेव उनियाल ने बताया- हादसा शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे हुआ। मृतकों में मांडल क्षेत्र के कबराड़िया निवासी रामू देवी (73) पत्नी अमरचंद शर्मा और दाता निवासी प्रेम देवी (71) पत्नी मदन शर्मा है। दोनों सगी बहनें है। कुंड में स्नान कर रही थीं, अचानक बेहोश हो गईं
बद्रीनाथ थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों महिलाएं तप्त कुंड में स्नान कर रही थीं। इसी दौरान वे कुंड के अंदर अचानक बेहोश हो गईं और पानी में गिर गईं। वहां मौजूद लोगों ने तत्काल दोनों को बाहर निकाला और हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। हादसे के समय दोनों महिलाओं के परिजन मंदिर में बद्री विशाल के दर्शन करने गए हुए थे। भागवत कथा में शामिल होने गई थीं दोनों बहनें
रामू देवी के दामाद विष्णु डोलिया ने बताया कि बद्रीनाथ धाम में 4 सितंबर से मांडल क्षेत्र के भगवानपुरा निवासी पंडित सुरेश शास्त्री की ओर से भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा में शामिल होने के लिए भीलवाड़ा से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बद्रीनाथ गए हुए हैं। रामू देवी भी अपनी छोटी बहन प्रेम देवी के साथ कथा सुनने और बद्री विशाल के दर्शन करने वहां पहुंची थीं। 4 सितंबर से दोनों बहनें रोज सुबह तप्त कुंड में स्नान करने के बाद बद्री विशाल के दर्शन करती थीं और भागवत कथा में शामिल होती थीं। दोनों 108 डुबकी लगाने कुंड में उतरीं। एसडीआरएफ और बद्रीनाथ पुलिस के अनुसार दोनों बुजुर्ग महिलाएं शुरुआत में धीरे-धीरे डुबकी लगा रही थीं। इसी बीच परिवार के अन्य सदस्य मंदिर में दर्शन करने चले गए। इसके बाद दोनों महिलाओं ने तेजी से डुबकी लगाना शुरू कर दिया। लगभग 50 डुबकी पूरी होते-होते उनकी सांस फूलने लगी और वे कुंड में ही अचेत होकर गिर गईं। वहां मौजूद अन्य श्रद्धालुओं ने तुरंत दोनों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। विष्णु डोलिया के अनुसार, रामू देवी पिछले करीब 20 सालों से लगातार हर साल बद्रीनाथ धाम की यात्रा करती आ रही थीं। इस बार भी दोनों बहनें धार्मिक आस्था के साथ बद्री विशाल पहुंचीं, लेकिन हादसे में दोनों की मौत हो गई। हरिद्वार में करेंगे अंतिम संस्कार
दोनों बहनों की मौत की खबर मिलते ही उनके परिजन उत्तराखंड के लिए रवाना हो गए। परिजनों के अनुसार, दोनों के शव शनिवार को हरिद्वार लाए जाएंगे, जहां दोनों बहनों का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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बद्रीनाथ के कुंड में डूबकी लगाने उतरीं सगी-बहनों की मौत:भीलवाड़ा से भागवत कथा सुनने गई थी; हरिद्वार में होगा अंतिम संस्कार
