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बरेली के असिस्टेंट प्रोफेसर को नौकरी से निकाला:जंतर-मंतर प्रोटेस्ट में शामिल हुए थे, बोले- बच्चों के हक के लिए लड़ने पर हुई कार्यवाही




बरेली के बहेड़ी कस्बा स्थित गन्ना उत्पादक महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर (वाणिज्य) को जंतर-मंतर प्रोटेस्ट में शामिल होने पर नौकरी से निकाल दिया गया। असिस्टेंट प्रोफेसर और समाजवादी युवजनसभा के जिलाध्यक्ष डॉ. मोहित भारद्वाज ने आरोप लगाया है कि न कोई कारण बताओ नोटिस दिया गया और न ही कोई विभागीय जांच की गई, बल्कि सीधे सेवा समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया गया। डॉ. मोहित भारद्वाज का कहना है कि वह पिछले करीब दो वर्षों से महाविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत थे। इस दौरान उनके खिलाफ कभी कोई विभागीय जांच नहीं हुई और न ही किसी प्रकार की शिकायत दर्ज की गई। इसके बावजूद उन्हें बिना पूर्व सूचना के नौकरी से हटा दिया गया। ‘वीडियो वायरल होने के बाद लिया गया फैसला’ डॉ. भारद्वाज के अनुसार, वह 18 से 20 जुलाई तक नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन में शामिल हुए थे। उनका आरोप है कि आंदोलन से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद महाविद्यालय प्रबंधन ने राजनीतिक आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई की। गन्ना उत्पादक महाविद्यालय का संचालन गन्ना समिति के अधीन होता है और समिति के अध्यक्ष ही महाविद्यालय प्रबंधन से जुड़े हैं। उनका कहना है कि राजनीतिक विचारधारा के कारण उन्हें निशाना बनाया गया और लोकतांत्रिक आंदोलन में भाग लेने की वजह से नौकरी गंवानी पड़ी। ‘ कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया’ डॉ. भारद्वाज का दावा है कि सहायता प्राप्त (एडेड) महाविद्यालय में किसी शिक्षक की सेवा समाप्त करने से पहले कारण बताओ नोटिस, स्पष्टीकरण का अवसर, विभागीय जांच और आवश्यक विश्वविद्यालयीय अनुमोदन जैसी प्रक्रियाओं का पालन किया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि उनके मामले में इनमें से किसी भी वैधानिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। डॉ. भारद्वाज ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, सेवा समाप्ति आदेश की वैधानिक समीक्षा और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन में भाग लेना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और केवल वैचारिक या राजनीतिक आधार पर किसी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका और प्रशासन पर पूरा भरोसा है तथा उन्हें निष्पक्ष जांच के बाद न्याय मिलने की उम्मीद है।



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