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बस्तर जिले के शासकीय हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने और परीक्षा परिणाम बेहतर करने के लिए जिला प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया है। कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देश पर जुलाई से शुरू किए गए विशेष गुणवत्ता सुधार अभियान के तहत अगस्त के तीसरे शनिवार को जिलेभर में दूसरे चरण का निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस अभियान में 170 प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारियों को अलग-अलग स्कूलों का नोडल अधिकारी बनाया गया है। शनिवार को अधिकारियों ने अपने-अपने आवंटित विद्यालयों में पहुंचकर स्कूल की व्यवस्थाओं और शैक्षणिक गतिविधियों का जायजा लिया। अपर कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार, जनपद सीईओ समेत विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने जगदलपुर, लोहंडीगुड़ा, तोकापाल, बास्तानार, दरभा, बस्तर और बकावंड विकासखंड के दूरस्थ इलाकों में स्थित स्कूलों का निरीक्षण किया।
शिक्षकों की उपस्थिति से लेकर पाठ्यक्रम की हुई जांच
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने शिक्षकों और कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार पाठ्यक्रम की प्रगति और विभिन्न पंजियों के संधारण की जांच की। इसके साथ ही स्कूलों में प्रयोगशाला, पुस्तकालय और सह-शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन की स्थिति भी देखी गई। विद्यार्थियों से किया संवाद अधिकारियों ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी पढ़ाई और स्कूल से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली। साथ ही आगामी बोर्ड और वार्षिक परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन के लिए विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया गया। अधिकारियों ने शिक्षकों को भी नियमित कक्षाओं, पाठ्यक्रम की समय पर पूर्णता और विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। हर महीने तीसरे शनिवार को होगा निरीक्षण जिला प्रशासन ने इस निगरानी व्यवस्था को लगातार जारी रखने का निर्णय लिया है। अब प्रत्येक माह के तीसरे शनिवार को प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारी आवंटित स्कूलों में पहुंचकर निरीक्षण करेंगे। प्रशासन का उद्देश्य सुदूर वनांचल के सरकारी स्कूलों में भी नियमित निगरानी के जरिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करना और विद्यार्थियों के परीक्षा परिणामों में सुधार लाना है।
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बस्तर के 170 स्कूलों में पहुंचा प्रशासनिक अमला:शिक्षा व्यवस्था की हुई निगरानी, जाना पढ़ाई का स्तर, हर महीने के तीसरे शनिवार को होगा दौरा
