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बहादुरगढ़ की सरकारी मोर्चरी में फ्रीजर खराब:शवों को बर्फ के सहारे रखने की मजबूरी; पुलिस-अस्पताल स्टाफ और परिजन परेशान




बहादुरगढ़ शहर के सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में बदहाली का मामला सामने आया है। मोर्चरी में शवों को सुरक्षित रखने के लिए लगाए गए सभी फ्रीजर पिछले करीब दो महीने से खराब पड़े हैं। ऐसे में अस्पताल में जब भी कोई शव पहुंचता है तो उसे सुरक्षित रखने के लिए बर्फ का सहारा लेना पड़ रहा है। गर्मी के मौसम में यह व्यवस्था कितनी कारगर है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शव के खराब होने का खतरा बना रहता है। लाखों खर्च के बाद भी व्यवस्था ठप जानकारी के अनुसार मोर्चरी की व्यवस्था सुधारने और फ्रीजरों को ठीक करवाने पर प्रशासन की ओर से लाखों रुपये खर्च किए गए थे। इसके बावजूद कुछ समय बाद ही फ्रीजर बंद हो गए। लंबे समय से इनके खराब होने के कारण अब मोर्चरी में शवों को रखने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। शव आने पर बर्फ की करनी पड़ती है व्यवस्था मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी राजेश मुदगिल ने बताया कि जब भी कोई डेड बॉडी मोर्चरी में आती है तो उसे सुरक्षित रखने के लिए बर्फ की व्यवस्था करनी पड़ती है। गर्मी के मौसम में यह सबसे बड़ी परेशानी बन जाती है। बर्फ के सहारे शव को लंबे समय तक सुरक्षित रखना भी मुश्किल होता है। विभाग को कई बार लिखे पत्र, फिर भी समाधान नहीं डॉ. संदीप मलिक के अनुसार फ्रीजर खराब होने की समस्या को लेकर संबंधित विभाग को कई बार पत्र लिखकर अवगत करवाया जा चुका है। इसके बावजूद अभी तक फ्रीजरों की मरम्मत नहीं करवाई गई है। करीब दो महीने से समस्या बनी हुई है।
परिजनों को भी उठानी पड़ रही परेशानी मोर्चरी की खराब व्यवस्था का असर पुलिस और अस्पताल स्टाफ के साथ-साथ मृतकों के परिजनों पर भी पड़ रहा है। शव को सुरक्षित रखने की चिंता परिजनों के लिए पहले ही मानसिक रूप से कठिन स्थिति होती है, ऐसे में मोर्चरी में पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग लोगों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए मोर्चरी के सभी खराब फ्रीजरों को जल्द से जल्द ठीक करवाया जाए। शवों को सुरक्षित और सम्मानजनक तरीके से रखने के लिए मोर्चरी में स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करना जरूरी है।



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