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बालाघाट में सराफा कारोबारियाें से लूट, 3 आरोपी गिरफ्तार:छत्तीसगढ़-ओडिशा से पकड़ाए; 70 ग्राम सोना, 2.8KG चांदी बरामद; रैकी करने वाले की हादसे में मौत




बालाघाट पुलिस ने सराफा कारोबारियों से लूट के दो मामलों में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 70 ग्राम सोना और करीब 2.8 किलो चांदी बरामद की है। दोनों वारदात 28 जून को कपिल आसटकर और 5 अगस्त को गेंदलाल करंडे के साथ हुई थीं। पुलिस के मुताबिक, वारदात की रैकी करने वाले चिरंजीवी उर्फ शुभम यादव की 15 सितंबर को सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। छत्तीसगढ़ और ओडिशा से तीन आरोपी गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों में छत्तीसगढ़ के महासमुंद निवासी रोशन ध्रुव और सचिन ध्रुव तथा ओडिशा के जाजपुर निवासी नरसिम्हा उर्फ पुतरो प्रधान शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, दोनों घटनाओं को दूसरे राज्यों से जुड़ी ऐरागोल्ला गैंग ने अंजाम दिया था। 14 टीमों ने 21 जिलों में की जांच पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने बताया कि जांच के लिए 14 टीमें बनाई गई थीं। टीमों ने 65 दिनों तक 21 जिलों में करीब 22 हजार 270 किलोमीटर का सफर किया। इस दौरान 190 लोगों और 6 जेलों में बंद आरोपियों से पूछताछ की गई। 250 से 300 कैमरों की फुटेज खंगाली पुलिस ने करीब 250 से 300 सीसीटीवी कैमरों की जांच की। इसके साथ 6 लाख 24 हजार 588 टेलीफोन रिकॉर्ड भी खंगाले गए। पुलिस के 76 जवानों ने 149 दिनों तक जांच में काम किया। टीम में 9 निरीक्षक, 6 उपनिरीक्षक, 2 एएसआई, 9 प्रधान आरक्षक और करीब 50 आरक्षक शामिल थे। बिना नंबर प्लेट की स्पोर्ट्स बाइक से वारदात पुलिस के मुताबिक, आरोपी हेलमेट पहनकर स्पोर्ट्स बाइक से वारदात करते थे। बाइक पर नंबर प्लेट नहीं लगाते थे और घटना के बाद बाइक और कपड़े बदल लेते थे। आरोपी व्यक्तिगत या नियमित हैंडसेट का इस्तेमाल नहीं करते थे, बल्कि इंटरनेट कॉलिंग से संपर्क करते थे। दूरस्थ इलाके में करते थे माल का बंटवारा पुलिस के अनुसार, आरोपी वारदात के बाद दूरस्थ और सुरक्षित इलाकों में पहुंचकर लूटे गए माल का बंटवारा करते थे। पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी महिलाओं को आगे कर बाधा पैदा करते थे। पुलिस टीम को आंध्र प्रदेश और ओडिशा में ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा। रैकी के बाद आरोपियों को दी थी जानकारी पुलिस के मुताबिक, दोनों घटनाओं में चिरंजीवी उर्फ शुभम यादव ने रैकी की थी। उसने सराफा कारोबारियों की भौगोलिक स्थिति और स्थानीय गतिविधियों की जानकारी जुटाकर आरोपियों से साझा की थी। इसके बाद वारदात को अंजाम दिया गया। चिरंजीवी की 15 सितंबर को सड़क हादसे में मौत हो गई थी और उसे भी मामले में आरोपी बनाया गया है।



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