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राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर नगर निगम उत्तर के पुराने वार्ड 51 और 57 में बने दो सामुदायिक भवनों को निजी संस्थाओं को सौंपने का 23 अगस्त 2022 का आदेश रद्द कर दिया है। जस्टिस विनीत कुमार माथुर व जस्टिस चंद्रशेखर शर्मा की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने निर्देश दिया कि इन भवनों का रखरखाव और प्रबंधन नगर निगम खुद करेगा। सभी फैसले राजस्थान नगरपालिका अधिनियम-2009 और संबंधित नियमों के अनुसार लिए जाएंगे। हिरेंद्र सिंह चौहान की याचिका पर यह आदेश आया। उन्होंने 23 अगस्त 2022 के आदेश को चुनौती दी थी, क्योंकि निगम के सामुदायिक भवनों को निजी संस्थाओं को सौंपने का कोई कानूनी नियम नहीं है। सुनवाई में निगम ने जवाब दिया कि सामुदायिक भवन किसी निजी संस्था को नहीं दिए जाएंगे। रखरखाव निगम स्वयं करेगा। सभी निर्णय कानून के तहत होंगे। कोर्ट ने निगम का यह रुख स्वीकार किया। याचिकाकर्ता ने सार्वजनिक भवनों के सर्वे, अतिक्रमण हटाने और समान उपयोग सुनिश्चित करने जैसी अन्य मांगों को अभी नहीं उठाया। कोर्ट ने उन्हें भविष्य में इन मुद्दों को उठाने की अनुमति दी।
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सामुदायिक भवन निजी संस्थाओं को देने का आदेश रद्द:हाईकोर्ट ने कहा- निगम खुद करेगा रखरखाव, कानून के तहत होगा संचालन
