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पंजाब में बिजली जनरेशन सीधे-सीधे थर्मल प्लांटों पर निर्भर है। कोयले की कमी के कारण पंजाब के थर्मल प्लांट हांफने लगे हैं। कोई भी थर्मल प्लांट पूरी क्षमता के हिसाब से बिजली का उत्पादन नहीं कर रहा है। नतीजा यह है कि सूबे में बिजली संकट बना हुआ है। प्राइवेट थर्मल प्लांट तलवंडी साबो के तीन में से एक प्लांट कल से ही बंद है। इसके अलावा देर रात से राजुपरा थर्मल प्लांट का भी एक यूनिट बंद है। देर रात से अभी तक दो प्राइवेट प्लांटों के एक-एक यूनिट और एक सरकारी प्लांट के एक यूनिट में बिजली उत्पादन नहीं हो रहा है। पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड बिजली उत्पादन कम होने के कारण केंद्रीय पूल से ज्यादा बिजली खरीद रहा है लेकिन डिमांड ज्यादा होने के कारण लोगों को बिजली कटों से जूझना पड़ रहा है। पंजाब के बिजली मंत्री ने चार दिन पहले कहा था कि पंजाब के थर्मल प्लांटों के पास कोयला नहीं बचा है। अगर उन्हें कोयले की सप्लाई नहीं मिलती है तो पंजाब में बिजली संकट पैदा हो जाएगा। पीएसपीसीएल के अफसरों की मानें तो कोयला की सप्लाई तो आ रही है लेकिन पर्याप्त मात्रा में नहीं है जिससे जनरेशन प्रभावित हो रही है। पंजाब में बिजली डिमांड, जनरेशन की स्थिति को जानिए… रात में डिमांड 11116 मेगावाट: वीरवार लेट नाइट 12 बजे पंजाब में बिजली की डिमांड 11655 मेगावाट दर्ज की गई, वहीं सुबह 6:30 भी बिजली की डिमांड 11116 मेगावाट रही। जो कि सामान्य दिनों से ज्यादा है। पिछले कुछ दिनों से दिन में बिजली की डिमांड 16500 मेगावाट से ज्यादा चल रही है। रात से लेकर सुबह तक पंजाब में कुल जनरेशन 4000 मेगावाट के आसपास रही। बाकी की पावर डिमांड को पूरा करने के लिए केंद्रीय पूल से 7100 मेगावाट के करीब बिजली खरीदी गई। थर्मल प्लांटों के तीन यूनिट बंद: पंजाब में बिजली जनरेशन के मुख्य स्रोत प्राइवेट थर्मल प्लांट ही हैं। प्राइवेट थर्मल प्लांटों में 3380 मेगावाट बिजली पैदा करने की क्षमता है। जिसमें राजपुरा की क्षमता 1400 मेगावाट और तलवंडी साबो की क्षमता 1980 मेगावाट है। इन दोनों प्राइवेट प्लांटों के एक एक यूनिट बंद हैं। लेट नाइट से सुबह तक प्राइवेट प्लांटों से 1500 मेगावाट के आसपास बिजली ही पैदा हुई जो कि कुल क्षमता के आधे से भी कम है। सरकारी थर्मल प्लांट : पंजाब में तीन अलग-अलग जगहों पर तीन सरकारी थर्मल प्लांट हैं। इन प्लांटों की बिजली उत्पादन करने की कुल क्षमता 2300 मेगावाट है। वीरवार को सरकारी थर्मल प्लांट रोपड़ और गोइंदवाल में एक एक यूनिट बंद रहे। वीरवार लेट नाइट गोइंदवाल को जो यूनिट बंद था उसे चालू कर दिया गया। जिससे सरकारी थर्मल प्लांटों में बिजली उत्पादन में थोड़ा सा सुधार हुआ है। सुबह 6:30 बजे तक सरकारी प्लांटों में बिजली का उत्पादन 1600 मेगावाट के करीब रहा। बिजली कटों से पब्लिक परेशान: बिजली उत्पादन में कमी के कारण पंजाब के लोगों को बिजली कटों से जूझना पड़ रहा है। बिजली कट रात तो ज्यादा लग रहे हैं। दरअसल दिन में 400 मेगावाट के करीब बिजली सौर ऊर्जा से भी तैयार हो रही है जो कि रात में शून्य हो जाती है।
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बिजली संकट-हांफने लगे पंजाब के थर्मल प्लांट:कोयले की कमी, प्राइवेट प्लांटों के 2 और सरकारी प्लांट का 1 यूनिट बंद; दिन में डिमांड 16000 के पार
