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बिलासपुर के अरविंद शुक्ला असम लोकसभा-उपचुनाव के पर्यवेक्षक बने:भूपेश के असम प्रभारी बनने के बाद AICC ने दी यह जिम्मेदारी, करीबी को दिया मौका




कांग्रेस संगठन में बिलासपुर के पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अरविंद शुक्ला को AICC की ओर से बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। संगठन ने उन्हें असम लोकसभा उपचुनाव के लिए पर्यवेक्षक बनाया है। 18 सितंबर को जारी नियुक्ति में शुक्ला समेत नेताओं को असम प्रदेश कांग्रेस के साथ समन्वय और चुनावी संगठन से जुड़े काम की जिम्मेदारी दी गई है। पूर्व CM के करीबी माने जाने वाले अरविंद शुक्ला की नियुक्ति इसलिए भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि कांग्रेस महासचिव भूपेश बघेल को हाल ही में असम का प्रभारी बनाया गया है। ऐसे में बघेल के प्रभाव वाले संगठनात्मक नेटवर्क से जुड़े बिलासपुर के नेता को उसी राज्य के उपचुनाव की जिम्मेदारी मिलना कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति में चर्चा का विषय है। बिलासपुर से पंजाब और अब असम तक बढ़ी भूमिका अरविंद शुक्ला की संगठनात्मक सक्रियता पहले भी बिलासपुर से बाहर दिखाई दे चुकी है। जब भूपेश बघेल को पंजाब का प्रभारी बनाया गया था, तब भी उन्हें संगठनात्मक जिम्मेदारी दी गई थी। अब असम की जिम्मेदारी मिलने से उनका राजनीतिक दायरा एक बार फिर प्रदेश से बाहर बढ़ा है। कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान के बीच नियुक्ति के राजनीतिक मायने छत्तीसगढ़ कांग्रेस में पिछले कुछ वर्षों से अलग-अलग नेताओं के प्रभाव और संगठनात्मक पकड़ को लेकर खींचतान सार्वजनिक चर्चा का विषय रही है। ऐसे माहौल में किसी नेता को प्रदेश से बाहर लगातार संगठनात्मक जिम्मेदारी मिलना उसके संगठन के भीतर सक्रिय नेटवर्क और नेतृत्व के भरोसे के संकेत के तौर पर देखा जाता है। शुक्ला को पहले पंजाब और अब असम में जिम्मेदारी मिलना भी इसी संदर्भ में चर्चा में है। खास तौर पर बघेल के असम प्रभारी बनने के बाद शुक्ला की नियुक्ति ने बिलासपुर कांग्रेस की स्थानीय गुटीय राजनीति को भी चर्चा में ला दिया है। बघेल-अटल के करीबी माने जाते हैं शुक्ला शुक्ला को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव के करीबी नेताओं में माना जाता है। ऐसे में असम की जिम्मेदारी को बिलासपुर की कांग्रेस राजनीति के नजरिए से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक तरफ कांग्रेस में संगठन को मजबूत करने और चुनावी तैयारियों पर जोर है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश में अलग-अलग नेताओं के प्रभाव क्षेत्रों को लेकर राजनीतिक समीकरण भी बनते-बिगड़ते रहे हैं। ऐसे में शुक्ला की नई जिम्मेदारी आने वाले समय में बिलासपुर कांग्रेस के संगठनात्मक समीकरणों पर भी असर डाल सकती है।



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