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बीसलपुर में 6 अक्टूबर से रामलीला मेला:22 सितंबर को झंडी पूजन के साथ शुरू होंगी तैयारियां




पीलीभीत के बीसलपुर नगर में लगने वाला ऐतिहासिक रामलीला मेला इस बार 6 अक्टूबर से शुरू होगा। मेले को लेकर रामलीला मेला कमेटी ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। अयोध्या भवन में मेला कमेटी की बैठक सभापति गंगाधर दुबे की अध्यक्षता में हुई। इसमें मेले के आयोजन, कार्यक्रमों और व्यवस्थाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में मेले को भव्य और व्यवस्थित ढंग से आयोजित करने की रणनीति तय की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 22 सितंबर को झंडी पूजन के साथ शोभायात्रा निकाली जाएगी। दिन में रामलीला, रात रासलीला इसके बाद 6 अक्टूबर को गणेश पूजन के साथ रामलीला मेले का विधिवत शुभारंभ होगा। 21 अक्टूबर को रावण वध और दशहरा महोत्सव आयोजित किया जाएगा। 22 अक्टूबर को राजगद्दी शोभायात्रा निकाली जाएगी। वहीं 31 अक्टूबर को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देशभर के कवि अपनी रचनाएं प्रस्तुत करेंगे। बैठक में बताया गया कि 23 अक्टूबर से 5 नवंबर तक वृंदावन के कलाकारों द्वारा दिन में रामलीला और रात में रासलीला का मंचन किया जाएगा। दुकानदारों को मिलेंगी जरूरी सुविधाएं धार्मिक आयोजनों के साथ मेले में लोगों के मनोरंजन के लिए खेल, तमाशे, सर्कस और अन्य मनोरंजन के साधन भी लगाए जाएंगे। 5 नवंबर को मेले का समापन किया जाएगा। मेला कमेटी ने दुकानदारों और व्यापारियों की सुविधाओं को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए। मेले में दुकानें लगाने वाले व्यापारियों को प्रकाश व्यवस्था समेत सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही गई। मेला मैदान को समतल कराने के साथ पूरे ग्राउंड में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जाएगी, ताकि दुकानदारों और मेलार्थियों को किसी तरह की परेशानी न हो। मेले के दौरान व्यवस्थाओं की निगरानी और लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए मेला शुरू होते ही कमेटी का कैंप भी लगाया जाएगा। कमेटी पदाधिकारियों ने मेले को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और आकर्षक बनाने पर जोर दिया। बैठक का संचालन लीला प्रबंधक गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने किया। इस दौरान मंत्री महेशचंद्र अग्रवाल, उपसभापति विष्णु कुमार गोयल, कोषाध्यक्ष राम बहादुर गुप्ता, प्रबंधक अभय अग्रवाल, सचिन अग्रवाल, ऑडिटर वीरेंद्र अग्रवाल, बाजार प्रबंधक मोहित मित्तल और बाजार व्यवस्थापक सुरेश चंद्र अग्रवाल मौजूद रहे।



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