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शाहपुर कंडी में बैराज प्रभावित परिवारों के हक के लिए जारी आंदोलन अब बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। ‘बैराज औसती संघर्ष कमेटी जैनी’ के दो बुजुर्ग 85 वर्षीय शर्म सिंह और 80 वर्षीय कुलविंदर सिंह अपनी जायज मांगों को लेकर लगातार 100 फीट ऊंचे हाई-वोल्टेज बिजली के टावर पर डटे हुए हैं। बुजुर्गों को टावर पर चढ़े हुए 120 घंटे यानि 5 दिन बीत चुके हैं, लेकिन वे अपने इरादों से टस से मस नहीं हुए हैं। आज मामले को शांत कराने के लिए आम आदमी पार्टी के हलका इंचार्ज और राजपूत कल्याण बोर्ड के पंजाब चेयरमैन डॉ. स्वर्ण सिंह सलारिया अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने खुद टावर पर चढ़े दोनों बुजुर्गों से 10 मिनट तक फोन पर बातचीत की और नीचे उतरने की अपील की, लेकिन बुजुर्गों ने साफ कह दिया कि जब तक मांगें धरातल पर पूरी नहीं होतीं, वे पीछे नहीं हटेंगे। उधर, बुजुर्गों की सुरक्षा को देखते हुए मौके पर शाहपुर कंडी पुलिस बल, आरएसडी अस्पताल की एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तैनात की गई हैं। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए टावर के नीचे बड़ा सुरक्षा जाल बिछाया गया है। स्वर्ण सिंह सलारिया ने साधा पिछली सरकारों पर निशाना, दी सफाई मौके पर पहुंचे आम आदमी पार्टी के सुजानपुर हलका इंचार्ज स्वर्ण सिंह सलारिया ने टावर पर चढ़े बुजुर्गों से टेलीफोन के जरिए बातचीत की और उन्हें सुरक्षित नीचे उतरने की अपील की। सलारिया ने पिछली सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा कि यह 34 साल पुराना मामला है, जब यह जमीन अधिगृहीत की गई थी। उस समय बीजेपी, अकाली दल और कांग्रेस की सरकारें थीं और यह सारा पंगा उन्हीं का खड़ा किया हुआ है। हमने न तो जमीन ली और न ही किसी का बिजनेस छीना। उनकी गलतियों की सजा आज ये लोग ऊपर चढ़कर भुगत रहे हैं। जब लोगों की जमीन और रोजगार चला गया तो उन्हें क्लास-4 की नौकरी तो मिलनी ही चाहिए। 34 साल तक जो विधायक और मंत्री रहे, उन्होंने सिर्फ अपना टाइम पास किया। बरिंदर गोयल से मिला है आश्वासन – सलारिया सलारिया ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में जल संसाधन मंत्री बरिंदर गोयल से बात की है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जो भी उम्मीदवार नियमों के अनुसार फिट बैठेगा, उसे आम आदमी पार्टी की सरकार हाथ जोड़कर नौकरी देगी, चाहे संख्या 80 हो या 90। उन्होंने बुजुर्गों से अपील की कि वे नीचे आएं, सरकार बातचीत कर योग्यता के अनुसार नौकरी का प्रबंध करेगी। लेकिन, बुजूर्गों ने साफ तौर पर कहा कि जब तक गलत तरीके से नौकरियां हासिल करने वालों को टर्मिनेट नहीं किया जाता और उनके परिवारों के नियुक्ति पत्र वे नहीं देख लेते, तब तक नीचे नहीं उतरेंगे। क्या हैं मुख्य मांगें और आरोप? प्रदर्शनकारी बुजुर्गों और संघर्ष कमेटी की मुख्य मांग है कि बैराज निर्माण व भूमि अधिग्रहण से प्रभावित परिवारों के योग्य सदस्यों को तुरंत सरकारी नौकरी और रोजगार मुहैया कराया जाए। इसके अलावा, परियोजना में अधिकारियों की मिलीभगत से हुई गलत व अवैध भर्तियों की निष्पक्ष जांच कराकर अयोग्य कर्मचारियों को तुरंत नौकरी से बाहर निकाला जाए। कमेटी का आरोप है कि जिन पात्र परिवारों ने अपनी जमीनें खोईं, उन्हें दरकिनार कर दिया गया और रसूखदारों को गलत तरीके से नौकरियां बांट दी गईं। जब तक प्रभावित परिवारों को उनका हक नहीं मिलता, तब तक यह प्रदर्शन जारी रहेगा। नेताओं और प्रशासन का पक्ष संघर्ष कमेटी के प्रधान दयाल सिंह: बैराज बांध व जिला प्रशासन वर्षों से केवल झूठे आश्वासन देकर उन्हें टालता आ रहा है। हर बार शिवाय कागजी वादों के कुछ नहीं मिला, जिससे तंग आकर बुजुर्गों को जान जोखिम में डालकर टावर पर चढ़ना पड़ा। बैराज बांध प्रशासन के निगरानी अभियंता कुलविंदर सिंह: कमेटी का मांग पत्र और मौजूदा स्थिति की पूरी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है और मसले का हल निकालने का प्रयास जारी है।
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बुजूर्गों को टावर से उतारने पहुंचे 'आप' नेता बैरंग लौटे:स्वर्ण सलारिया के आश्वासन भी नहीं आए काम, 120 घंटे से डटे बुजूर्ग
