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भागलपुर केंद्रीय कारा में बंद एक विचाराधीन बंदी की जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (मायागंज) में इलाज के दौरान मौत हो गई। जिलाधिकारी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राचार्य, जेएलएनएमसीएच को पत्र जारी कर मृतक के शव का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड की निगरानी में कराने और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराने का निर्देश दिया है। इसका उद्देश्य मौत के कारणों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करना है। मृतक की पहचान कहलगांव के रसलपुर थाना क्षेत्र निवासी नीरज यादव उर्फ नीरू यादव (60 वर्ष) के रूप में हुई है। वह आबकारी विभाग की कार्रवाई के बाद न्यायिक अभिरक्षा में केंद्रीय कारा, भागलपुर भेजा गया था और विचाराधीन बंदी के रूप में निरुद्ध था। तबीयत खराब होने पर मायागंज के कैदी वार्ड में कराया गया था एडमिट जिला गोपनीय शाखा से 18 जुलाई को जारी पत्र में जिलाधिकारी ने बताया है कि केंद्रीय कारा प्रशासन के अनुसार, बंदी नीरज यादव की तबीयत बिगड़ने पर उसे 15 जुलाई को उपचार के लिए जेएलएनएमसीएच के कैदी वार्ड में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकीय जांच में उसमें ‘अल्कोहल विड्रॉल सिंड्रोम विद सीवियर ट्रेमर’ (Alcohol Withdrawal Syndrome with Severe Tremor) की स्थिति पाई गई, जिसके बाद अस्पताल में इलाज शुरू किया गया। इलाज के दौरान शुक्रवार की सुबह 4:41 बजे उसकी मौत हो गई। जिलाधिकारी ने अपने पत्र में निर्देश दिया है कि शव का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड से कराया जाए, पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर शव का विसरा सुरक्षित रखा जाए। यह कदम भविष्य में किसी प्रकार के विवाद की स्थिति में वैज्ञानिक जांच सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। कारा प्रशासन के अनुसार, न्यायालय के आदेश पर बंदी को इलाज के लिए मायागंज अस्पताल के कैदी वार्ड में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज जारी था, लेकिन स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ और शुक्रवार की अहले सुबह उसकी मौत हो गई। इसके बाद कारा प्रशासन ने जिला प्रशासन को घटना की सूचना दी। मृतक के भाई ने कहा- मौत के कारणों की जांच की जाए मृतक के भाई देवेंद्र यादव ने बताया कि उनके भाई को बुधवार को रसलपुर फोरलेन के पास आबकारी विभाग की टीम ने हिरासत में लिया था। परिवार को गिरफ्तारी की जानकारी समय पर नहीं मिल सकी। उन्होंने कहा कि बाद में जानकारी मिली कि उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। शुक्रवार को फोन पर भाई की मौत की सूचना मिली, जिसके बाद वे मायागंज अस्पताल पहुंचे। देवेंद्र यादव का कहना है कि उन्हें शव को केवल कुछ मिनट के लिए देखने दिया गया। उन्होंने कहा कि शव पर किसी तरह के चोट के निशान थे या नहीं, इसकी ठीक से जांच नहीं कर सके। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, जिला प्रशासन का कहना है कि मामले में सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है। डीएम के निर्देश पर मेडिकल बोर्ड की निगरानी में पोस्टमार्टम और उसकी वीडियोग्राफी कराई जा रही है, जिससे मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता चल सके। प्रशासन का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों पर अंतिम रूप से कुछ कहा जा सकेगा। फिलहाल पूरे मामले पर जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और कारा प्रशासन की नजर बनी हुई है। अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि विचाराधीन बंदी की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
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भागलपुर सेंट्रल जेल में विचाराधीन बंदी की मौत:तीन दिन पहले आबकारी विभाग ने पकड़ा था; तबीयत बिगड़ी, मायागंज में इलाज के दौरान गई जान
