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कानपुर में भाजपा अनुसूचित मोर्चा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष अशोक रावत के स्वागत से पहले लगाए गए होर्डिंग हटाए जाने को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। मिश्रिख से सांसद रावत के कानपुर आगमन से पूर्व हुई इस कार्रवाई पर अनुसूचित मोर्चा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने दोपहर के बजे कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने इसे अनुसूचित समाज का अपमान बताया है। कार्यकर्ताओं के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे अशोक रावत के प्रथम आगमन की तैयारी में रात में विभिन्न स्थानों पर अपने खर्च से होर्डिंग और बैनर लगाए गए थे। आरोप है कि सुबह होते ही छावनी परिषद की टीम ने सभी होर्डिंग हटवा दिए, जिससे कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया। भाजपा अनुसूचित मोर्चा कानपुर दक्षिण के जिलाध्यक्ष नरेश कटारिया और जिला महामंत्री ईशु दयाल समेत अन्य पदाधिकारियों ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि जब प्रदेश में भाजपा की सरकार है और क्षेत्र से भाजपा के जनप्रतिनिधि हैं, तब इस तरह की कार्रवाई समझ से परे है। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि यह केवल होर्डिंग हटाने का मामला नहीं है, बल्कि अनुसूचित समाज की भावनाओं को आहत करने वाली कार्रवाई है। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और मामले की शिकायत पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाने की बात कही। जिलाध्यक्ष नरेश कटारिया ने इस मामले को लेकर थाने में शिकायत दर्ज कराकर एफआईआर करवाने की भी बात कही। वहीं, छावनी परिषद के नामित सदस्य लाखन ओमर ने बताया कि परिषद में खंभों पर लगे होर्डिंग-बैनर के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाता है। उसी क्रम में कर्मचारियों ने अभियान चलाकर बैनर हटाए होंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें पूरे मामले की विस्तृत जानकारी नहीं है।
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भाजपा अनुसूचित मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत होर्डिंग हटाए गए:कानपुर में कार्यकर्ताओं में आक्रोश, जिलाध्यक्ष ने FIR की बात कही
