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नेशनल ग्रीन ट्रूब्नल (NGT) की केंद्रीय क्षेत्रीय पीठ ने भोपाल शहर में जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट के उचित प्रबंधन एवं निपटान को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। न्यायमूर्ति श्यो कुमार सिंह, न्यायिक सदस्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी ने एक मामले को संज्ञान में लेकर सुनवाई की। मामला RTO परिसर के पीछे रानी अवंतीबाई ट्रांसपोर्ट नगर स्थित खुले स्थान पर एक्सपायर्ड दवाइयों, दवा की स्ट्रिप, सिरप की बोतलों और इंजेक्शन की शीशियों सहित जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट को कथित रूप से खुले में फेंकने एवं जलाने से संबंधित था। एनजीटी द्वारा गठित संयुक्त समिति की रिपोर्ट में बताया गया कि संबंधित स्थल से जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट को तत्काल हटाकर अधिकृत कॉमन बायोमेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट फैसिलिटी (CBWTF) को उपचार एवं अंतिम निपटान के लिए सौंपा गया। अधिकृत सुविधा द्वारा पुष्टि की गई कि 5.2 किलोग्राम एक्सपायर्ड दवाइयों को प्राप्त कर इंसीनरेशन के माध्यम से निपटाया गया। संयुक्त समिति ने 27 अगस्त को पुनः स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्थल खाली पाया गया। वहां एक्सपायर्ड दवाइयां, जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट, राख, जला हुआ पदार्थ अथवा संबंधित घटना से जुड़ा कोई अवशिष्ट अपशिष्ट नहीं पाया गया। एनजीटी ने यह निर्देश दिए मिक्स न हो कचरा, निगरानी में कोताही न बरतें एनजीटी ने भोपाल नगर निगम को निर्देशित किया कि घरेलू स्वास्थ्य संबंधी अपशिष्ट का स्रोत स्तर पर प्रभावी पृथक्करण एवं अलग संग्रहण करें। साथ ही उसे नियमित रूप से अधिकृत CBWTF को सौंपा जाए। संग्रहण एवं परिवहन के दौरान जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट के मिश्रण, अनधिकृत निपटान अथवा अन्यत्र ले जाए जाने की संभावना को रोकने के लिए प्रभावी निगरानी भी करने को कहा है।
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भोपाल में जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट के निपटान पर NGT के निर्देश:नगर निगम अलग से इकट्ठा करें कचरा; परिवहन के दौरान निगरानी करें
