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मंडी बाइपास में टैक्सी पार्किंग को लेकर देवभूमि टैक्सी ऑपरेटर यूनियन और प्रशासन के बीच विवाद बढ़ गया है। यूनियन में 200 से ज्यादा टैक्सी और व्यावसायिक वाहन जुड़े हैं। ऑपरेटरों का कहना है कि मंडी शहर में पार्किंग की पर्याप्त जगह नहीं है, इसलिए वे कई सालों से अपने वाहन बाइपास क्षेत्र में खड़े कर रहे हैं। यूनियन के मुताबिक, प्रशासन ने बाइपास क्षेत्र में टैक्सी वाहनों के लिए जगह तय की थी। ट्रकों के लिए भी आगे जगह निर्धारित की गई थी। इसी व्यवस्था के तहत यूनियन के वाहन तय जगह पर व्यवस्थित तरीके से खड़े होते रहे हैं। पार्किंग की स्थायी व्यवस्था किए जाने की मांग यूनियन पदाधिकारियों का कहना है कि कुछ समय पहले उनके वाहनों को यह भरोसा दिलाकर पार्किंग स्थल से हटाया गया था कि टैक्सी संचालकों के लिए सही और स्थायी पार्किंग व्यवस्था दी जाएगी। अब उन्हें जानकारी मिली है कि इसी जगह पर रेहड़ी-फड़ी मार्केट बनाई जा रही है। इसके बाद यूनियन ने प्रशासन के सामने यह मामला उठाया है। इस मामले को लेकर यूनियन के पदाधिकारी शुक्रवार दोपहर 12 बजे उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन से मिले और उन्हें ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन की कॉपी पुलिस अधीक्षक मंडी और उपमंडलाधिकारी सदर को भी भेजी गई हैं। यूनियन का कहना है कि उन्होंने स्थानीय विधायक से भी यह मामला उठाया था, जहां निर्माण कार्य पूरा होने के बाद टैक्सी संचालकों के लिए सही पार्किंग व्यवस्था देने का भरोसा मिला था। पार्किंग को लेकर तैयार किया गया था ड्राफ्ट, नहीं जारी हुई अधिसूचना यूनियन के सदस्य राकेश कुमार ने बताया कि साल 2011 में भी वैकल्पिक पार्किंग को लेकर प्रशासन ने भरोसा दिलाया था और एक ड्राफ्ट तैयार किया था, लेकिन आज तक इसकी अधिसूचना जारी नहीं हुई। अब पुलिस की ओर से बायपास से गाड़ियां हटाने के निर्देश मिलने के बाद ऑपरेटरों की परेशानी बढ़ गई है। यूनियन का कहना है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए करीब 200 टैक्सियों को हटाना संभव नहीं है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पहले स्थायी पार्किंग की व्यवस्था की जाए, उसके बाद ही मौजूदा जगह को खाली करवाया जाए।
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मंडी में पार्किंग को लेकर प्रशासन- टैक्सी ऑपरेटरों में विवाद:बाइपास पर खड़ी करने को लेकर विरोध, डीसी को सौंपा ज्ञापन, बोले- स्थायी जगह दी जाए
