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मंडी शहर में रैपिडो ऐप के जरिए चल रही किराए पर चलने वाली बाइक सेवाओं का ऑटो रिक्शा ऑपरेटर यूनियन ने विरोध किया है। यूनियन का कहना है कि रैपिडो की इस सेवा से मंडी शहर के करीब 400 ऑटो चालकों की रोजी-रोटी पर असर पड़ रहा है। ऑटो रिक्शा ऑपरेटर यूनियन मंडी के महासचिव होशियार सिंह ने बताया कि ऑटो चालक सरकार के नियमों के तहत टैक्स और परमिट शुल्क देकर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं, निजी दोपहिया वाहनों का ऐप के जरिए कमर्शियल इस्तेमाल हो रहा है, जिससे नियमों का पालन करने वाले ऑटो चालकों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। होशियार सिंह ने यह भी बताया कि यूनियन ने पहले भी पुलिस प्रशासन और आरटीओ के सामने यह मामला उठाया था। उस समय अवैध रूप से चल रहे वाहनों पर कार्रवाई भी हुई थी। इसके बावजूद रैपिडो के जरिए ऐसी सेवाएं दोबारा शुरू होने पर यूनियन ने चिंता जताई है। दोपहिया वाहनों पर कड़ी कार्रवाई की जाए यूनियन ने प्रशासन से मांग की है कि बिना परमिट के कमर्शियल तौर पर चल रहे दोपहिया वाहनों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही, संबंधित कंपनी को मंडी क्षेत्र में ऐसी सेवाएं बंद करने के निर्देश दिए जाएं। प्रशासन से कार्रवाई की मांग यूनियन ने कहा कि अगर मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो करीब 400 ऑटो चालकों के परिवारों की रोजी-रोटी पर असर पड़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेकर जल्द उचित कदम उठाने की मांग की है। इस मामले में डीसी अपूर्व देवगन को ज्ञापन भी सौंपा है।
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मंडी में रैपिडो की अवैध बाइक टैक्सी का विरोध:400 ऑटो चालकों की रोजी रोटी पर संकट; यूनियन ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
