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विधानसभा के मानसून सत्र से पहले बीजेपी ने अपने विधायकों को साफ संदेश दिया है कि इस बार सदन में सिर्फ मौजूदगी नहीं, बल्कि पूरी तैयारी के साथ उतरना है। सरकार के कामकाज से जुड़े आंकड़े, अपने विधानसभा क्षेत्र की जानकारी और विपक्ष के संभावित सवालों के जवाब पहले से तैयार रखने को कहा गया है। पार्टी का मानना है कि मानसून सत्र के दौरान विपक्ष सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की कोशिश करेगा। ऐसे में किसी भी सवाल पर असहज स्थिति नहीं बननी चाहिए। विपक्ष के सवालों पर पहले से तैयारी नवा रायपुर में हुई विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय,उपमुख्यमंत्री अरुण साव, मंत्री और विधायक मौजूद रहे। बैठक में करीब डेढ़ घंटे तक मानसून सत्र की रणनीति पर चर्चा हुई। विधायकों से कहा गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े विकास कार्यों, चल रही योजनाओं और स्थानीय मुद्दों की पूरी जानकारी के साथ सदन में आएं। अगर विपक्ष किसी क्षेत्र या विभाग को लेकर सवाल उठाता है तो उसका जवाब तथ्यों और आंकड़ों के साथ दिया जा सके। हर विधायक को मिला अपना टास्क बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि सदन के भीतर सरकार का पक्ष मजबूती से रखा जाए। मंत्रियों और विधायकों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने पर चर्चा हुई ताकि किसी मुद्दे पर अलग-अलग बयान सामने न आएं। पार्टी चाहती है कि सरकार की योजनाओं और फैसलों को एक ही लाइन में रखा जाए और विपक्ष के आरोपों का जवाब भी उसी रणनीति के तहत दिया जाए। अपने क्षेत्र की पूरी जानकारी के साथ सदन में पहुंचें सूत्र बताते हैं कि कानून-व्यवस्था, किसानों से जुड़े मुद्दे, आदिवासी क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्य, सड़क, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं और राज्य सरकार की प्रमुख योजनाएं बैठक में चर्चा के प्रमुख विषय रहे। इन मुद्दों पर विपक्ष के हमलों की संभावना को देखते हुए पहले से तैयारी करने को कहा गया है। साथ ही यह भी कहा गया कि सदन के बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान भी तथ्यात्मक जानकारी ही साझा की जाए। 13 जुलाई से शुरू होकर 17 जुलाई तक चलने वाले मानसून सत्र में कई अहम विधेयक और जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। कांग्रेस पहले ही कानून-व्यवस्था, नकटी बुलडोजर कार्रवाई, किसानों और अन्य मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने के संकेत दे चुकी है। इसे देखते हुए बीजेपी ने भी अपनी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। पार्टी का फोकस इस बार सिर्फ विपक्ष के आरोपों का जवाब देने पर नहीं, बल्कि सरकार के कामकाज और उपलब्धियों को सदन में प्रभावी तरीके से रखने पर भी रहेगा। नकटी मामले में सरकार को घेरने की तैयारी रायपुर के नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, विस्थापन और विधायक आवास के लिए प्रस्तावित भूमि से जुड़ा विवाद भी विधानसभा के मानसून सत्र में गूंज सकता है। इस मामले में बीजेपी सांसद की ओर से भी सवाल उठाए जाने के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। कांग्रेस इसे सरकार की कार्यशैली और प्रशासनिक निर्णयों पर सवाल उठाने का प्रमुख मुद्दा बनाएगी। बैठक में ये नहीं पहुंचे मंत्री विजय शर्मा, विधायक अमर अग्रवाल, राजेश मूणत, रायमुनि भगत, रेणुका सिंह, चेतरात अटामी और भैयालाल राजवाड़ उपस्थित नहीं हो पाए। बताया जा रहा है विजय शर्मा और राजेश मूणत पारिवारिक कार्यक्रम, अमर अग्रवाल प्रदेश से बाहर होने की वजह से नहीं आ पाए।
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मंत्रियों-विधायकों को मिला होमवर्क, हर सवाल का जवाब तैयार रखें:विपक्ष के मुद्दों पर पहले से मंथन, अपने क्षेत्र के आंकड़ों के साथ सदन में पहुंचने के निर्देश
