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मजीठिया-खैहरा ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा:एक्स-पार्टी अंतरिम रोक हटाने की मांग, 23 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई




पंजाब के मुख्यमंत्री की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर की ओर से दायर मानहानि मामले में अकाली दल नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और विधायक सुखपाल सिंह खैहरा ने अपने खिलाफ लगी एक्स-पार्टी अंतरिम रोक हटाने के लिए जिला अदालत में अलग-अलग अर्जियां दायर की हैं। वहीं, मामले में प्रतिवादी नंबर-2 पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व जज और पंजाब ह्यूमन राइट्स ऑर्गेनाइजेशन के चेयरमैन ने अंतरिम रोक के कारण हुए नुकसान के लिए 50 हजार रुपए मुआवजे की मांग की है। सिविल जज (जूनियर डिवीजन) डॉ. प्रक्षित की अदालत ने तीनों अर्जियों पर याचिकाकर्ता पक्ष को जवाब दाखिल करने के लिए नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 23 अक्टूबर को होगी। 50 हजार रुपए मुआवजे की मांग प्रतिवादी नंबर-2 की ओर से सीपीसी की धारा 95(1)(ए) और धारा 151 के तहत आवेदन दायर किया गया है। इसमें अंतरिम रोक के कारण हुए नुकसान के लिए 50 हजार रुपए मुआवजे की मांग की गई है। वहीं, मजीठिया और सुखपाल सिंह खैहरा ने अपनी-अपनी अर्जियों में उनके खिलाफ लगाए गए एक्स-पार्टी अंतरिम आदेश को हटाने की मांग की है। अब अदालत में याचिकाकर्ता पक्ष की ओर से इन अर्जियों पर जवाब दाखिल किया जाना है। पहले जानिए क्या है पूरा मामला अगस्त 2026 में सीएम भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर पर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व जज रणजीत सिंह ने आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि डॉ. गुरप्रीत ने कथित तौर पर एक रेप के मामले में आरोपी से 5 करोड़ रुपए की मांग की थी, और एक व्यवसायी के खिलाफ दर्ज मामले को रद्द करवाने में मदद करने का प्रस्ताव दिया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि डॉ गुरप्रीत का एक करीबी रिश्तेदार आरोपी के लगातार संपर्क में था और उसे पैसे देने और अपनी जान बचाने के लिए परेशान कर रहा था। रिटायर्ड जज को नोटिस भेज चुकीं 23 अगस्त को डॉ. गुरप्रीत कौर ने रिटायर्ड जज रणजीत सिंह को नोटिस भेजते हुए 5 करोड़ रुपए के आरोपों को खारिज किया था। कानूनी नोटिस में रिटायर्ड जस्टिस रणजीत सिंह से अपने बयान वापस लेने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा गया था। इसके लिए 24 घंटे की समय-सीमा दी गई थी। नोटिस में दावा किया गया था कि आरोप लगाने वाले रिटायर्ड जस्टिस रणजीत सिंह कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैहरा के रिश्तेदार हैं। इसमें आरोपों के पीछे राजनीतिक मंशा होने की बात कही गई है। NHRC ने दो सप्ताह में मांगा था जवाब अगस्त में ही लीगल राइट्स ऑब्जर्वेटरी (LRO) की शिकायत के आधार पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने मामले का संज्ञान लिया था। आयोग ने पंजाब के मुख्य सचिव और DGP से मामले में कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी और दो सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा था। मजीठिया ने ऑडियो-वीडियो जारी किए थे 2 सितंबर को अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की तरफ से सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो-वीडियो शेयर की। मजीठिया ने दावा किया कि इसमें आरोपी से जुड़े कथित बिचौलियों और डॉ. गुरप्रीत कौर के रिश्तेदार के बीच पैसों के लेनदेन, पटियाला जेल में आरोपी को कथित सुविधाएं देने और मुख्यमंत्री आवास में मुलाकात से संबंधित बातचीत है। कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा ने 2 सितंबर को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर मजीठिया वाला एक ऑडियो रिकॉर्डिंग का वीडियो शेयर किया था। जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब पुलिस के DGP से सवाल किया कि क्या वे 5 करोड़ रुपए मांगने वाले अमरदीप ग्रेवाल के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। खैरा ने दावा किया कि अमरदीप का कथित ऑडियो और डॉ. गुरप्रीत कौर के साथ कथित CCTV फुटेज इस मामले से जुड़े हैं।



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