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मरीज को लेकर 24वीं मंजिल पर उतरेगी एयर एंबुलेंस:SMS हॉस्पिटल के आईपीडी टावर का हेलीपैड लगभग तैयार, ऑर्गन ट्रांसप्लांट के मरीजों को मिलेगा फायदा




जयपुर में एसएमएस अस्पताल परिसर में IPD टावर की 24वीं मंजिल पर हेलीपैड लगभग तैयार हो गया है। यहां मरीजों को लाने ले जाने के लिए 3 हजार किलो वजनी एयर एंबुलेंस आसानी से टैक ऑफ और लैंडिंग कर सकेगी। हेलीपैड से सबसे ज्यादा राहत ऑर्गन ट्रांसप्लांट के मरीजों को मिलेगी। गंभीर हालत में मरीज को लाने में समय बचेगा। टावर का काम दिसंबर 2027 तक पूरा करने का टारगेट रखा गया है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… हेलिकॉप्टर का भार-कंपन झेलने के लिए एम-30 आरसीसी तकनीक हेलीपैड के लिए 24वीं मंजिल पर 2 हजार वर्ग मीटर एरिया में छत डल चुकी है। हेलीपैड का डिजाइन पूर्व में DGCA ने अप्रूव किया था। थर्ड पार्टी के रूप में आईआईटी दिल्ली ने प्रूफ चैक किया था। 59.87 मीटर लंबे और 38 मीटर चौडे़ हेलीपैड को तैयार करने में एम-30 आरसीसी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। हेलिकॉप्टर जब लैंडिंग या टैक ऑफ करता है तो सरफेज पर ज्यादा भार और कंपन पैदा होता है। एम-30 आरसीसी तकनीक से बने हेलीपैड इसे आसानी से सहन कर लेती है। 10 हजार लीटर का डेडिकेटेड वाटर टैंक हेलीपैड का बेस तैयार करने के बाद सेफ्टी मेजर्स समेत अन्य इक्विपमेंट लगाए जाएंगे। हेलीपैड से नीचे यानी 23वीं मंजिल पर 7 से 10 हजार लीटर तक का डेडिकेटेड वाटर टैंक बनाया जाएगा। मारु एविएशन की ओर से कंसल्टेंट कैप्टन संजय चक्रवर्ती ने बताया कि एविएशन फायर प्रोटेक्शन को भी लागू किया जाएगा। इसके अलावा भी कई काम होंगे… बेड साइड डायग्नोसिस सिस्टम एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ.दीपक माहेश्वरी ने बताया कि टावर में वर्ल्ड क्लास आईसीयू स्थापित करने के साथ ही मोबाइट सिटी स्कैन मशीनें भी लगाई जाएगी। इसके अलावा बेड साइड डायग्नोसिस सिस्टम भी डेवलप किया जाएगा। ताकी मरीज को 60 मिनट के दौरान सभी तरह की जांचें मिल जाएं। फाइनेंशियल वायबेलिटी मॉडल पर भी होगा विचार टावर शुरू होने के बाद हर महीने 25 से 30 करोड़ रुपए इसके मेंटीनेंस पर खर्च होंगे। ऐसे में टावर को प्रॉपर संचालित करने के लिए फाइनेंशियल वायबिलिटी मॉडल पर भी विचार किया जा सकता है। टावर में इलाज कराने वाले मरीजों को खर्चा उठाना पड़ सकता है। इसके अलावा फैसेलिटी मैनेजमेंट को लेकर भी विचार किया जा रहा है। हेलीपैड निर्माण पूरा होने के बाद एविएशन अप्रूवल की प्रक्रिया शुरू होगी। प्रदेश के सिविल एविएशन विभाग को इसकी नोडल एजेंसी बनाया जा सकता है। जो केंद्र और राज्य के अलग-अलग विभागों से समन्वय कर अलग-अलग तरह की अप्रूव लेगा। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर एयर एंबुलेंस को किराए पर लेने के लिए भी किसी कंपनी से करार करना होगा। …… ये खबर भी पढ़ें… महिला के गर्दन में 2KG की गांठ, डॉक्टरों ने निकाली:SMS हॉस्पिटल में बुजुर्ग महिला की दुर्लभ सर्जरी; गर्दन-कंधा घुमाने में भी हो रही थी परेशानी जयपुर के सवाई मानसिंह मेडिकल हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने 11 अगस्त को 75 साल की बुजुर्ग महिला की गर्दन से करीब 2KG वजन की गांठ निकाली। ऑपरेशन के बाद महिला स्वस्थ्य है। SMS हॉस्पिटल में सर्जरी डिपार्टमेंट की सीनियर प्रोफेसर डॉ. ऋचा जैन ने बताया- समय के साथ गांठ का आकार लगातार बढ़ता गया और स्थिति ऐसी हो गई कि महिला को गर्दन और कंधा घुमाने में भी परेशानी होने लगी। पूरी खबर पढ़ें…



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