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महामाया मंदिर विवाद,भाजपा ने अल्पसंख्यक मोर्चा महामंत्री को पदमुक्त किया:गैर-हिंदुओं की दुकानें बंद करने, एबिस कंपनी का तेल न खरीदने की मांग,2 आरोपी गिरफ्तार




बिलासपुर के रतनपुर के महामाया मंदिर परिसर में 22 अगस्त को हुए विवाद और गाली-गलौज का वीडियो वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया है। मंदिर ट्रस्ट, पुलिस और भाजपा संगठन ने अपने-अपने स्तर पर कार्रवाई शुरू की है। ट्रस्ट ने सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में 4 दुकानदारों को सात दिन के भीतर दुकानें हटाने का नोटिस दिया है। वहीं भाजपा ग्रामीण जिला अध्यक्ष मोतीलाल जायसवाल ने रतनपुर अल्पसंख्यक मोर्चा की महामंत्री रेहाना बेगम को जांच अवधि तक पद से मुक्त कर दिया है। चार दुकानदारों को दुकानें हटाने का अल्टीमेटम महामाया मंदिर ट्रस्ट ने भागवत उर्फ राहुल पटेल की महामाया फ्लावर दुकान, ईश्वर प्रधान, चिंकी प्रधान और राजू शर्मा की दुकानों को नोटिस जारी किया है। ट्रस्ट का कहना है कि विवाद के दौरान गाली-गलौज का वीडियो सामने आया, जिससे श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुईं। नोटिस में सात दिन के भीतर दुकानें हटाने के निर्देश दिए गए हैं। ट्रस्ट ने कहा है कि तय समय में दुकानें नहीं हटाई गईं तो बलपूर्वक कार्रवाई की जाएगी। हिंदू संगठनों ने मंदिर ट्रस्ट को सौंपा ज्ञापन विवाद के बाद हिंदू संगठनों ने मंदिर ट्रस्ट को ज्ञापन देकर मंदिर परिसर में गैर-हिंदुओं की दुकानें बंद कराने की मांग की। इसके अलावा नवरात्रि के दौरान बहादुर अली की एबिस कंपनी के तेल की खरीद नहीं करने की अपील भी रखी गई। हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन की तैयारी की थी, लेकिन कुछ नेताओं के मौके पर नहीं पहुंचने के कारण मामला फिलहाल ज्ञापन तक ही सीमित रहा। एहतियात के तौर पर मंदिर परिसर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस ने 2 लोगों को किया गिरफ्तार रतनपुर टीआई नीलेश पांडेय के अनुसार, विवाद के मामले में FIR दर्ज की गई है और दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक 22 अगस्त को मंदिर परिसर में रेहाना बेगम और एक अन्य व्यक्ति के बीच विवाद हुआ था। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ा। शिकायत के आधार पर रेहाना बेगम के खिलाफ SC-ST एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। भाजपा ने रेहाना बेगम को पद से हटाया वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा ग्रामीण जिला अध्यक्ष मोतीलाल जायसवाल ने रेहाना बेगम को अल्पसंख्यक मोर्चा की महामंत्री के पद से मुक्त कर दिया। जायसवाल ने कहा कि संगठन अनुशासन से जुड़े मामलों में तत्काल संज्ञान लेता है। निष्पक्ष जांच हो और जांच में किसी तरह की बाधा न आए, इसलिए जांच पूरी होने तक उन्हें पदमुक्त किया गया है। दूसरे पक्ष की भूमिका को लेकर भी उठे सवाल भाजपा संगठन की कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर दूसरे पक्ष की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। कुछ कार्यकर्ताओं का कहना है कि विवाद में दूसरे पक्ष पर भी आरोप लगाए गए हैं। भाजपा के एक पदाधिकारी पर मारपीट का आरोप लगाए जाने की चर्चा है, लेकिन उसके खिलाफ संगठन स्तर पर कार्रवाई की कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
वायरल वीडियो से बढ़ा विवाद घटना के बाद मारपीट और गाली-गलौज का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुआ। भाजपा से जुड़े समूहों समेत अन्य सोशल मीडिया ग्रुपों में भी वीडियो शेयर किए जाने की बात सामने आई। वीडियो वायरल होने के बाद मामला पुलिस कार्रवाई से लेकर मंदिर ट्रस्ट और भाजपा संगठन तक पहुंच गया। अब पुलिस की जांच पर नजर है कि पूरे विवाद में किस-किस की भूमिका सामने आती है और आगे किन लोगों पर कार्रवाई होती है।



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