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महेंद्रगढ़ अवैध खनन मामले में CBI की एंट्री:हाईकोर्ट के आदेश पर FIR, 5 आरोपी नामजद; याचिका दाखिल फिर वापस लेने पर शक




महेंद्रगढ़ के गांव बखरीजा में कथित अवैध खनन से जुड़े मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI ने FIR दर्ज की है। सीबीआई ने 9 सितंबर 2026 को केस दर्ज किया। FIR में अशोक, अभिमन्यु यादव, कमल, अंकित सांगवान समेत अन्य अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। मामला हाईकोर्ट में दायर एक याचिका से जुड़ा है। याचिका में महेंद्रगढ़ के गांव बखरीजा में कथित तौर पर अवैध खनन किए जाने का आरोप लगाया गया था। याचिका में कहा गया था कि खनन निर्धारित माइनिंग प्लान और पर्यावरण मंजूरी के नियमों के खिलाफ किया जा रहा है। साथ ही याचिकाकर्ता के घर से 250 मीटर के दायरे में अवैध खनन रोकने और मुआवजा दिलाने की मांग की गई थी। हाईकोर्ट को याचिका वापस लेने पर हुआ शक
मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने याचिका वापस लेने की इच्छा जताई। कोर्ट ने इस पर सवाल उठाए, क्योंकि याचिका में अवैध खनन जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को खुद पेश होकर यह बताने को कहा कि वह याचिका वापस क्यों लेना चाहता है। इसके बाद कोर्ट के सामने याचिकाकर्ता ने कहा कि वह अनपढ़ है और उसे यह तक जानकारी नहीं थी कि उसके नाम से याचिका कैसे दायर हुई। कोर्ट ने यह भी दर्ज किया कि याचिकाकर्ता को याचिका में उठाए गए मामले की पूरी जानकारी नहीं थी। उसके साथ सतपाल सिंह नाम का व्यक्ति भी कोर्ट पहुंचा था, जिसने खुद को ड्राइवर बताया था। याचिका दाखिल करने-वापस लेने का तरीका संदिग्ध
हाईकोर्ट ने मामले की परिस्थितियों को देखते हुए याचिका दाखिल करने और बाद में उसे वापस लेने के तरीके पर गंभीर सवाल उठाए। कोर्ट के अनुसार, ऐसा लग रहा था कि कोई दूसरा व्यक्ति याचिकाकर्ता के माध्यम से काम कर रहा है और याचिका पर उसके हस्ताक्षर भी प्रथम दृष्टया फर्जी हो सकते हैं। इसके बाद कोर्ट ने CBI के डिप्टी डायरेक्टर को मामले की जांच करने और रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। हाईकोर्ट में सीलबंद लिफाफे में पेश की गई
CBI की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट में सीलबंद लिफाफे में पेश की गई। कोर्ट ने रिपोर्ट देखने के बाद कहा कि रिकॉर्ड में गलत जानकारी देने और हेरफेर किए जाने की प्रथम दृष्टया बात सामने आती है। इसके बाद हाईकोर्ट ने CBI को FIR दर्ज कर कानून के अनुसार जांच करने के निर्देश दिए। पहले दर्ज FIR भी CBI जांच में शामिल
हाईकोर्ट ने इससे जुड़े एक अन्य मामले में हरियाणा के नांगल चौधरी/निजामपुर थाने में 4 अप्रैल 2026 को दर्ज FIR को भी CBI को सौंपने का आदेश दिया था। यह FIR याचिकाकर्ता और अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज हुई थी। कोर्ट ने दोनों मामलों की जांच एक साथ करने को कहा है। हरियाणा पुलिस से 4 अप्रैल की FIR प्राप्त हुई
CBI ने अपनी FIR में कहा है कि हाईकोर्ट के 11 अगस्त 2026 के आदेश के पालन में हरियाणा पुलिस से 4 अप्रैल की FIR प्राप्त हुई और उसे CBI ने अपनी FIR संख्या 23/2026 के रूप में दर्ज किया। इसमें BNS की धारा 308(6), 351(3) और 61 लगाई गई हैं। FIR में अपराध की श्रेणी वसूली, आपराधिक साजिश और आपराधिक धमकी बताई गई है। CBI ने शिकायत में क्या लिखा, जानिए…



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