‘मां की लाश पहचानी, पापा को नहीं पहचान पाया बेटा’:बोला- न्यूड बॉडी थी, तीसरी बार में कपड़े से शिनाख्त की, झांसी में डबल मर्डर




“मेरे माता-पिता नए मकान में रहते थे। उनके पास सतेंद्र किराए से रहता था। शनिवार शाम को सतेंद्र ने मुझे फोन लगाया और बोला पार्टी करेंगे। मैंने मुर्गा लाने को कहा तो बोला- अंकल-आंटी कॉल नहीं उठा रहे। घर जाकर बात कराओ। मैं अपने घर से 2km दूर माता-पिता के घर आया। माता-पिता ने गेट नहीं खोले तो 10 कॉल लगाए। मगर ने कॉल रिसीव नहीं हुई। तब गेट फांदकर अंदर गया। सतेंद्र के कमरे में दो लाश पड़ी थी। बहुत बदबू आ रही थी। शवों पर कीड़े रेंग रहे थे। मैंने मां की लाश को पहचान लिया, लेकिन पापा न्यूड थे। उनको पहचान नहीं पाया। वहां से घर और फिर चौकी गया। पत्नी और पुलिस को बताया- घर में मां की लाश पड़ी है। पास में एक व्यक्ति न्यूड पड़ा है। पुलिस को लेकर पहुंचा। तीसरी बार शव देखा तो कपड़ों से पिता की लाश की शिनाख्त कर पाया। शव की हालत खराब होने के कारण मैं अपने पापा को ही नहीं पहचान पाया।” ये कहना है कि झांसी के जगपाल का। जिनके पिता विश्वनाथ पाल (70) और मां भुवन देवी (65) की बेरहमी से हत्या कर दी गई। रविवार रात दोनों शवों का पोस्टमार्टम हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, सिर में वजनी चीज से वार करके दोनों को मौत के घाट उतारा गया। विश्वनाथ के सिर में 3 और भुवन देवी के सिर में दो गहरे जख्म मिले। उनके जबड़े भी टूट गए थे। दोनों की मौत 4 से 7 दिन पहले ही हो चुकी थी। परिजनों ने रात में ही एक चिता पर दोनों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस ने जगपाल की तहरीर पर किराएदार सतेंद्र के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। उससे पुलिस पूछताछ कर रही है। पूरा मामला सीपरी बाजार थाना क्षेत्र का है। 3 तस्वीरें 6 घंटे तक चला पोस्टमार्टम रविवार को डा. राहुल पराशर, डा. शिवपूजन और डा. पंकज मुस्तारिया के पैनल ने दंपती के शव का पोस्टमार्टम किया। करीब 6 घंटे चले पोस्टमार्टम के दौरान विश्वनाथ एवं भुवन देवी के सिर में गहरी चोट के निशान मिले। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, विश्वनाथ के सिर में बाईं भौंह के पास 7 गुणे 2 सेंटीमीटर लंबा घाव मिला। इसके अलावा माथे के बाईं तरफ एवं बाईं भौंह के ऊपर भी गहरा घाव मिला। उनका जबड़ा एवं दांत भी टूट मिले। वहीं, भुवन देवी के सिर में दो जख्म मिले। उनके दाएं भौंह के ऊपर एवं माथे के दायीं तरफ 3 सेंटीमीटर गहरा घाव मिला। उसका भी जबड़ा टूटा था। आशंका जताई जा रही कि दोनों के सिर पर वजनी चीज से प्रहार किया गया। यह उनकी मौत की वजह बना। आशंका जताई जा रही कि किसी ने उनका सिर दीवार से भिड़ा दिया। एक ही चिता पर अंतिम संस्कार हुआ रात लगभग 9 बजे तक चले पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने दोनों शव परिजनों को सौंप दिए। परिजन शवों को सीधे शमशान घाट ले गए। यहां पर एक ही चिता पर दोनों शव रखे गए और फिर बेटे ने हिंदू रिति रिवाज से दोनों काे मुखाग्नि दी। दो मौत के बाद परिजन सदमे में है। बेटे जगपाल ने कहा- मां सोनू का मंगलसूत्र, कानों के गहने और अंगूठी समेत चांदी की अंगूठी, बिछिया पहने थी। सारे गहने गायब है। घर का सामान भी बिखरा पड़ा है। आरोप है कि हत्या के बाद घर में लूटपाट भी की गई। 2 किमी दूर रहता है बेटा विश्वनाथ पाल (70) और उनकी पत्नी भुवन देवी (65) टोड़ी फतेहपुर थाना क्षेत्र के पुराबगरौनी गांव के रहने वाले थे। उनके एक बेटा जगपाल और दो बेटियां फूला और गीता हैं। तीनों की शादी हो चुकी है। बेटे जगपाल ने बताया, ‘पिता ने 2014 में गांव की 15 बीघा जमीन सवा 9 लाख रुपए में बेची थी। इससे गोविंदपुरी कॉलोनी में प्लॉट खरीदा था। 2019 में मकान बनवाकर माता-पिता यहां शिफ्ट हो गए थे। मैं अपनी पत्नी कांति देवी और दो बच्चों के साथ करीब 2 किमी दूर पुराने घर में रहता हूं। कभी-कभार माता-पिता से मिलने आता था। नए मकान में नीचे तीन कमरे और ऊपर दो कमरे हैं। नीचे का एक कमरा सतेंद्र नाम के युवक ने किराए पर लिया था। वह बस कंडक्टर है और 2-4 दिन में कमरे पर आता था। माता-पिता के साथ ही खाना खाता था। 8 दिन पहले मैं घर आया था। सतेंद्र के साथ मटन-शराब पार्टी की। फिर पैसों को लेकर मां से कहासुनी हो गई थी। मैं खर्चे के लिए 500 रुपए मांग रहा था, जबकि मां 100 रुपए दे रही थीं। बाद में उन्होंने 150 रुपए दिए। इसके बाद मैं अपने घर चला गया था।’ बेटा बोला- 2 लाख रुपए और गहने गायब
जगपाल ने बताया- शनिवार शाम करीब 6:30 बजे किराएदार सतेंद्र का फोन आया। बोला- पार्टी करेंगे। तब मैंने कहा कि मुर्गा ले आओ। तब सतेंद्र कहने लगा कि अंकल-अंटी फोन नहीं उठा रहे। घर जाकर बात कराओ। मैं बाइक उठाकर माता-पिता के घर गया। तब दरवाजा अंदर से बंद था। आवाज दी और गेट बजाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद गेट फांदकर अंदर गया। किराएदार के कमरे में माता-पिता के शव जमीन पर पड़े थे। अलमारी खुली थी और जेवर-कैश गायब था। सतेंद्र नहीं आया और नंबर बंद कर लिया जगपाल ने आगे बताया- मैंने कॉल लगाकर सतेंद्र से कहा- कमरे में मां और एक व्यक्ति की लाश पड़ी है। तब वो रोने का नाटक करने लगा। बोला- बस स्टैंड पर हूं, 20 मिनट में आ रहा हूं। तब मैं अपने घर गया और यहीं बात पत्नी को बताई। डायल 100 नहीं लगा तो चौकी जाकर पुलिस को सूचना दी। फिर पुलिस को लेकर मौके पर पहुंचा। दो-3 बार लाश देखी तो कपड़ों से पिता की शव की शिनाख्त की। सतेंद्र से हमारा कोई संपर्क नहीं हो पाया है।



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