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मुजफ्फरपुर में राहगीर को लूटने वाले 2 बदमाश गिरफ्तार:पहले रेकी, फिर कट्टे के बल पर देते थे वारदात को अंजाम, गिरोह का मास्टरमाइंड फरार




मुजफ्फरपुर में मोबाइल और बाइक लूट मामले में पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से लूट के मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद की है। बदमाशों की पहचान कटरा थाना क्षेत्र के श्रवण कुमार और राजा कुमार के रूप में हुई है। गिरोह का तीसरा सदस्य फरार है, जो मास्टरमाइंड है। उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस के अनुसार ये लोग रेकी के बाद वारदात को अंजाम देते हैं। मामला बोचहां थाना क्षेत्र की है। काली चौक के पास हथियार दिखाकर लूट ग्रामीण एसपी ने पीसी में बताया कि घटना 6 अगस्त की शाम करीब पांच बजे की है। सदर थाना क्षेत्र के मदारपुर चौबे निवासी अभिषेक कुमार काम खत्म कर घर लौट रहे थे। वह भूसरा चौक से इन्वर्टर और बैटरी की सर्विसिंग कर वापस आ रहे थे। इसी दौरान काली चौक के पास सरकारी भवन के पास बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें रोक लिया। एफआईआर में आरोप है कि बदमाशों ने पहले उन्हें थप्पड़ मारा और फिर हथियार दिखाकर मोबाइल और बाइक की चाबी मांग ली। विरोध करने पर गोली मारने की धमकी दी गई। डर के कारण अभिषेक ने मोबाइल और बाइक की चाबी बदमाशों को दे दी। बदमाशों ने उनके बैग की भी तलाशी ली। उसमें रिंच, प्लास और इन्वर्टर से जुड़े सामान मिले, लेकिन सामान छोड़कर वे बाइक लेकर वहां से फरार हो गए। पहले रेकी, फिर वारदात गिरोह में एक सदस्य पहले इलाके में घूमकर संभावित शिकार की रेकी करता था। इसके बाद वह आगे जाकर रास्ते में खड़ा हो जाता था और बाकी सदस्य बाइक से पहुंचकर टारगेट को घेर लेते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने इससे पहले कितनी घटनाओं को अंजाम दिया है और इसके साथ कितने लोग जुड़े हैं। गिरफ्तार आरोपित श्रवण कुमार का पहले से भी आपराधिक इतिहास सामने आया है। उसके खिलाफ कटरा थाना में वर्ष 2022 में चोरी से संबंधित मामला दर्ज है। पुलिस अब दोनों आरोपितों से पूछताछ कर गिरोह की अन्य वारदातों और सदस्यों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
ताड़ी बेचने से जुटाए पैसे, फिर हथियार खरीदने की चर्चा मामले में मिली जानकारी के अनुसार, गिरोह से जुड़े लोगों ने कथित तौर पर पहले चोरी-छिपे ताड़ी बेचकर पैसे जुटाए। इसके बाद कट्टा खरीदकर लूट की वारदातों को अंजाम देने की योजना बनाई गई। हालांकि इस एंगल की पुलिस जांच कर रही है। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपितों ने हथियार कहां से हासिल किया और गिरोह के तार किन-किन इलाकों से जुड़े हैं।



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