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पर्यटन नगरी मैक्लोडगंज में रेव पार्टी की सूचना पर पुलिस ने अपर भागसूनाग स्थित जंगल कैफे में दबिश दी। इस कार्रवाई में पुलिस ने 1.25 ग्राम चिट्टा, 25.94 ग्राम चरस, 5.35 ग्राम भांग के पत्ते, नशीले पदार्थों की पैकिंग सामग्री और बीयर के 19 कैन बरामद किए। पुलिस ने कैफे मालिक राकेश कुमार और पश्चिम बंगाल निवासी विजित भट्टाचार्य को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के खिलाफ मैक्लोडगंज थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20, 21 और 29, तथा हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 39(1)(ए) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि इस रेव पार्टी के आयोजन, सोशल मीडिया पर इसके प्रचार और नशीले पदार्थों की आपूर्ति में कौन-कौन लोग शामिल थे। जानकारी के अनुसार, पुलिस टीम रविवार सुबह करीब 3:15 बजे जंगल कैफे पहुंची। तलाशी अभियान काउंटर से शुरू किया गया, जहां बीयर के 19 कैन बरामद हुए। इसके बाद काउंटर और आसपास रखे अन्य सामान की भी गहन जांच की गई। हेरोइन, चरस और भांग बरामद तलाशी के दौरान पुलिस को काउंटर के पास एक पारदर्शी पॉलीथिन लिफाफा मिला। इसमें रखे संदिग्ध पदार्थ की ड्रग डिटेक्शन किट से जांच की गई, जिससे उसके हेरोइन होने की पुष्टि हुई। इसके बाद कैफे के अन्य हिस्सों की भी तलाशी ली गई। तलाशी में कुल 1.25 ग्राम हेरोइन और 25.94 ग्राम चरस बरामद हुई। इसके अतिरिक्त, 5.35 ग्राम भांग के पत्ते और नशीले पदार्थों की पैकिंग सामग्री भी मौके से जब्त की गई। बरामद सभी सामग्री को अलग-अलग पैकेटों में सील कर कब्जे में लिया गया। पुलिस ने पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी करवाई और मौके पर हुई प्रक्रिया को ई-साक्ष्य ऐप के माध्यम से रिकॉर्ड किया। पूछताछ के दौरान कैफे में मौजूद व्यक्ति ने अपनी पहचान राकेश कुमार के रूप में बताई और खुद को कैफे का मालिक बताया, जिसके बाद उसे आरोपी बनाया गया। दूसरे गिरफ्तार आरोपी की पहचान पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना निवासी विजित भट्टाचार्य के रूप में हुई है। 22 और 23 अगस्त को पार्टी के आयोजन की जांच प्रारंभिक जांच में कैफे परिसर में 22 और 23 अगस्त को पार्टी आयोजित किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पार्टी में कितने लोग शामिल हुए थे और उन्हें किस माध्यम से बुलाया गया था। जांच में सोशल मीडिया और निजी संपर्कों के जरिए पार्टी के प्रचार की बात भी सामने आई है। पुलिस डिजिटल सामग्री, स्क्रीनशॉट और आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पार्टी के आयोजकों तक पहुंचने और प्रतिभागियों को जोड़ने में कौन-कौन लोग सक्रिय थे। सिर्फ पार्टी या नशे की बिक्री भी? जांच का अहम एंगल पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि कैफे में बरामद नशीले पदार्थ केवल पार्टी में इस्तेमाल के लिए रखे गए थे या इनके जरिए बिक्री का नेटवर्क भी चल रहा था। जांच एजेंसी आरोपियों के मोबाइल फोन, संपर्कों और डिजिटल गतिविधियों को खंगाल रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि बरामद चिट्टा और चरस कैफे तक कहां से पहुंची। सप्लाई लाइन का पता चलने पर इस मामले में और लोगों की भूमिका सामने आ सकती है। पर्यटन सीजन में कैफे और पार्टी आयोजनों पर नजर मैक्लोडगंज-भागसूनाग में पर्यटन सीजन के दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। कैफे, होटल और अन्य पर्यटन प्रतिष्ठानों में पार्टियों का आयोजन भी होता है। ऐसे में पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं पार्टी की आड़ में नशीले पदार्थों की खपत या सप्लाई तो नहीं हो रही थी। पुलिस की इस कार्रवाई को पर्यटन स्थलों पर नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की अहम कड़ी माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि युवाओं और पर्यटकों को नशे के जाल में धकेलने वाली गतिविधियों पर कार्रवाई जारी रहेगी। DIG नॉर्दर्न रेंज के मार्गदर्शन में कार्रवाई यह कार्रवाई DIG नॉर्दर्न रेंज सौम्या सांबासिवन के मार्गदर्शन में की गई। कांगड़ा पुलिस की ओर से नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मैक्लोडगंज क्षेत्र में भी लगातार निगरानी की जा रही है। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है। अब मोबाइल और डिजिटल साक्ष्यों के साथ आरोपियों के संपर्कों की पड़ताल के आधार पर इस मामले की अगली कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। जांच में यदि नशीले पदार्थों की सप्लाई का नेटवर्क सामने आता है तो मामले में और गिरफ्तारियां संभव हैं।
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मैक्लोडगंज के जंगल कैफे में पुलिस की रेड:हेरोइन, चरस और गांजा बरामद, रेव पार्टी की सूचना पर कार्रवाई, मालिक समेत दो गिरफ्तार
