Headlines

मैनगढ़ी में बीमार को कंधे पर नदी पार कराया:पुल नहीं,उफनती नदी पार कर ले गए अस्पताल, ग्रामीण बोले-पुल-बिजली के लिए कई बार दिए आवेदन




कोरबा के मैनगड़ीपारा के पूर्व सरपंच शनिराम मिंज की कई दिनों से तबीयत खराब थी। हालत बिगड़ने पर ग्रामीणों ने एंबुलेंस बुलाई, लेकिन अहिरन नदी में तेज बहाव के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी। इसके बाद 5-6 युवकों ने उन्हें कंधे पर बैठाकर उफनती नदी पार कराई और दूसरी ओर खड़ी एंबुलेंस तक पहुंचाया। इसके बाद उन्हें कटघोरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। यह मामला कोरबा जिले के पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम पंचायत तुमान के आश्रित गांव मैनगड़ीपारा का है। गांव में आज तक अहिरन नदी पर पुल नहीं बन पाया है। बारिश के दिनों में नदी का पानी बढ़ने से ग्रामीणों का मुख्य मार्ग से संपर्क लगभग टूट जाता है। ऐसे में बीमार लोगों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाना बड़ी चुनौती बन जाता है। गांव तक पहुंचना भी मुश्किल मैनगड़ीपारा पंचायत मुख्यालय से पहाड़ी रास्ते से करीब 5 किलोमीटर दूर है। इस रास्ते में पगडंडी और ऊंचे पहाड़ होने के कारण आवागमन आसान नहीं है। वहीं मुख्य मार्ग से गांव की दूरी करीब 17 किलोमीटर है। इस रास्ते में अहिरन नदी पड़ती है। बारिश के दौरान नदी में पानी बढ़ने के बाद ग्रामीणों को तेज बहाव के बीच नदी पार करनी पड़ती है। कई बार बीमार लोगों को खाट या कंधे के सहारे नदी पार कराकर दूसरी तरफ ले जाना पड़ता है। बिजली की सुविधा भी नहीं ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पुल के साथ बिजली की समस्या भी लंबे समय से बनी हुई है। उनका आरोप है कि आसपास बड़े बिजली संयंत्र होने के बावजूद मैनगड़ीपारा में अब तक बिजली की सुविधा नहीं पहुंची है। बिजली नहीं होने से रात के समय जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बना रहता है। इसके अलावा बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें रात के समय रोशनी के लिए लालटेन और दूसरे साधनों पर निर्भर रहना पड़ता है। कई बार दे चुके हैं आवेदन ग्रामीणों के मुताबिक, पुल और बिजली की सुविधा के लिए उन्होंने सुशासन तिहार और अन्य सरकारी शिविरों में कई बार आवेदन दिए हैं। उनका कहना है कि हर बार अधिकारियों की ओर से आश्वासन मिला, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। अब ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर धरना और अनशन करने की तैयारी शुरू कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल बनने से बारिश के दिनों में गांव का संपर्क बना रहेगा और बीमार लोगों, गर्भवती महिलाओं तथा बच्चों को आने-जाने में परेशानी नहीं होगी।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *