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मैहर जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए 8 जुलाई से 17 जुलाई तक स्कूल बसों की जांच का एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के शुरुआती दो दिनों के भीतर ही कुल 12 स्कूल बसों का निरीक्षण किया गया, जिसमें से नियमों का उल्लंघन करने वाली 5 बसों पर चालानी कार्रवाई की गई है। एसपी के निर्देशन में जांच, दूसरे दिन 4 बसें मिलीं अनफिट एसपी अवधेश प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में यातायात प्रभारी विक्रम पाठक और उनकी टीम ने अभियान के दूसरे दिन बुधवार को 9 स्कूल बसों की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान 5 बसें तो सभी सुरक्षा मानकों के अनुरूप सही पाई गईं, लेकिन 4 बसों में कमियां मिलने पर उनके खिलाफ चालान काटा गया। इन चार बसों में से तीन पर 500-500 रुपए और एक बस पर 1000 रुपए का जुर्माना लगाया गया। आपातकालीन द्वार के सामने लगा दी सीट, नपा ने वसूला जुर्माना अभियान के तीसरे दिन गुरुवार को भी यातायात पुलिस ने 3 स्कूल बसों को रोककर चेक किया। इस दौरान एक बस में गंभीर लापरवाही सामने आई, जहां आपातकालीन द्वार (इमरजेंसी गेट) के ठीक सामने सीट लगाकर रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया गया था। इसे बच्चों की सुरक्षा के साथ बड़ा खिलवाड़ मानते हुए पुलिस ने बस पर 5 हजार रुपये का भारी जुर्माना लगाया। साथ ही मौके पर ही उस सीट को हटवाकर इमरजेंसी गेट का रास्ता साफ कराया गया। अन्य दो बसें जांच में पूरी तरह ठीक मिलीं। नियमों की अनदेखी पर मिलेगी सख्त सजा यातायात पुलिस ने जिले के सभी स्कूल संचालकों और बस चालकों को सख्त लहजे में हिदायत दी है कि वे सुप्रीम कोर्ट और परिवहन विभाग द्वारा तय किए गए सुरक्षा नियमों का शत-प्रतिशत पालन करें। एसपी अवधेश प्रताप सिंह ने अपील की है कि बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने सभी वाहनों का समय पर फिटनेस टेस्ट कराने और बसों में रखे सुरक्षा उपकरणों (जैसे फायर एक्स्टिंग्विशर और फर्स्ट एड बॉक्स) को चालू हालत में रखने के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने साफ किया है कि 17 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही मिलने पर गाड़ी जब्त करने जैसी कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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मैहर में स्कूल बसों की जांच,5 वाहनों के चालान बने:इमरजेंसी गेट ब्लॉक करने पर लगा 5000 का जुर्माना; 17 जुलाई तक चलेगा अभियान
