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युवाओं को करियर और प्रतियोगी परीक्षाओं के दिए टिप्स:विधायक बोले- प्रतिभा कभी संसाधनों की मोहताज नहीं होती; जिला प्रशासन की पहल पर सेमिनार




जोधपुर में जिला प्रशासन की पहल पर आयोजित करियर मार्गदर्शन सेमिनार में युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, करियर चयन और सफलता की रणनीतियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। कार्यक्रम में विधायक ने कहा कि प्रतिभा कभी संसाधनों की मोहताज नहीं होती, बल्कि मेहनत, लगन और सही दिशा ही सफलता की कुंजी है। सेमिनार में विद्यार्थियों को विशेषज्ञों ने भी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के उपयोगी टिप्स दिए। शनिवार को जोधपुर जिला प्रशासन द्वारा शनिवार को “करियर परामर्श एवं मार्गदर्शन सेमिनार-2026” का आयोजन किया गया। युवाओं को सही करियर मार्गदर्शन उपलब्ध कराने, उनकी प्रतिभा को उचित दिशा देने और बदलते समय की आवश्यकताओं के अनुरूप उन्हें तैयार करने के उद्देश्य से सेमिनार आयोजित हुई। कमला नेहरू (के.एन.) कॉलेज परिसर स्थित सभागार में आयोजित इस सेमिनार में जिलेभर से बड़ी संख्या में 10वीं,12वीं के विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावक शामिल हुए। कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी किया गया, जिससे दूर-दराज क्षेत्रों के विद्यार्थी भी विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से लाभान्वित हुए। भविष्य के उभरते करियर विकल्पों से कराया परिचित विशेषज्ञों ने डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग, साइबर सिक्योरिटी, सूचना प्रौद्योगिकी, डिजिटल मार्केटिंग एवं मीडिया, वित्त एवं प्रबंधन, कॉरपोरेट एवं साइबर लॉ तथा हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में उपलब्ध संभावनाओं पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भविष्य का रोजगार कौशल, नवाचार एवं तकनीकी दक्षता पर आधारित होगा। प्रतियोगी परीक्षाओं की सफलता के लिए साझा की रणनीति विशेष सत्र में जेईई और नीट जैसी परीक्षाओं के लिए एनसीईआरटी आधारित अध्ययन, अवधारणात्मक स्पष्टता तथा नियमित अभ्यास पर बल दिया गया। विद्यार्थियों को अपनी त्रुटियों का विश्लेषण करने के लिए “एरर डायरी” तैयार करने की सलाह दी गई। साथ ही यूपीएससी, राजस्थान प्रशासनिक सेवा, एसएससी, बैंकिंग और एनडीए/सीडीएस जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए समय प्रबंधन, लक्ष्य आधारित अध्ययन एवं अनुशासित तैयारी की रणनीति साझा की गई। डिग्री से अधिक महत्वपूर्ण है कौशल विशेषज्ञों ने कहा कि वर्तमान दौर में केवल शैक्षणिक डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यावहारिक कौशल, संचार क्षमता, नेतृत्व, समस्या समाधान एवं तकनीकी दक्षता सफलता के प्रमुख आधार हैं। विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना तथा राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम द्वारा संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी भी दी गई। मानसिक स्वास्थ्य सफलता की पहली शर्त एम्स की विषय विशेषज्ञ प्रो. डॉ. नीति रुस्तगी ने विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं तनाव प्रबंधन को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि किसी एक परीक्षा अथवा परिस्थिति से किसी विद्यार्थी की क्षमता निर्धारित नहीं होती। प्रत्येक चुनौती का समाधान संवाद, संतुलित दिनचर्या एवं सकारात्मक सोच में निहित है। उन्होंने विद्यार्थियों से कठिन परिस्थितियों में अपने शिक्षकों, अभिभावकों एवं मित्रों से खुलकर संवाद करने तथा मानसिक स्वास्थ्य को सदैव सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आग्रह किया। रुचि, योग्यता एवं क्षमता के अनुरूप करें करियर का चयन केसर सिंह राजपुरोहित ने कहा कि करियर का निर्णय सदैव रुचि, क्षमता एवं समाज की बदलती आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर करना चाहिए। सही मार्गदर्शन के अभाव में कई युवा समय, संसाधन एवं अवसरों से वंचित रह जाते हैं। ऋतु संदल ने कहा कि करियर की सही शुरुआत कक्षा दसवीं के बाद विषय चयन से होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से किसी के प्रभाव अथवा दबाव में निर्णय लेने के बजाय अपनी रुचि एवं योग्यता के अनुरूप विषय चुनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कोई भी विषय कठिन नहीं होता, बल्कि उस विषय के प्रति रुचि और समर्पण ही सफलता का आधार बनते हैं। हर विद्यार्थी तक पहुंचे गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) आशीष कुमार मिश्रा ने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य जिले के प्रत्येक विद्यार्थी तक गुणवत्तापूर्ण करियर मार्गदर्शन पहुंचाना है, ताकि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को समान अवसर उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास युवाओं को आत्मविश्वासी, सक्षम एवं भविष्य के लिए तैयार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सरकारी एवं निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों के बीच अवसरों की खाई पाटने का प्रयास कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक अतुल भंसाली ने कहा कि जिला प्रशासन की यह पहल सरकारी एवं निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों के बीच अवसरों एवं आत्मविश्वास के अंतर को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि प्रतिभा कभी संसाधनों की मोहताज नहीं होती, लेकिन सही मार्गदर्शन उसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का माध्यम बनता है। उन्होंने कहा कि करियर केवल नौकरी तक सीमित नहीं है, बल्कि उद्यमिता एवं स्वरोजगार भी आत्मनिर्भर भारत की मजबूत आधारशिला हैं। पूर्व सांसद राजेंद्र गहलोत ने कहा कि प्रतिभा एवं परिश्रम तभी सार्थक होते हैं, जब उन्हें अनुभवी मार्गदर्शन का साथ मिले। उन्होंने कहा कि यह सेमिनार विद्यार्थियों को उनकी क्षमता के अनुरूप सही दिशा प्रदान करने वाला प्रभावी सेतु है। युवा संकल्प के साथ हुआ समापन कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण, अनुशासित जीवन, मानसिक संतुलन बनाए रखने, कौशल विकास को अपनाने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का युवा संकल्प लिया। प्रश्नोत्तर सत्र में विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।



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