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रग्बी के पूर्व स्टार ने 81अल्ट्रा मैराथन दौड़कर बनाया रिकॉर्ड:100 दिन तक दौड़कर 12 करोड़ जुटा रहे डेविड जैक्सन; चोट से चली गई थी याददाश्त




13 साल पहले सिर की गंभीर चोट से याददाश्त खोने वाले पूर्व ब्रिटिश रग्बी खिलाड़ी डेविड जैक्सन ने लगातार 81 दिनों तक रोज 50 किमी की अल्ट्रा मैराथन पूरी कर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया है। ब्रिस्टल में रिवर एवन के किनारे 81वीं दौड़ पूरी करते ही उन्होंने पुरुष वर्ग में लगातार सबसे ज्यादा अल्ट्रा मैराथन का रिकॉर्ड अपने नाम किया। इससे पहले यह रिकॉर्ड 80 दौड़ का था। हालांकि जैक्सन का लक्ष्य सिर्फ रिकॉर्ड बनाना नहीं, बल्कि ब्रेन इंजरी से जूझ रहे लोगों की मदद के लिए 100 दिन में 100 अल्ट्रा मैराथन पूरी करना है। 31 साल की उम्र में उनका 12 साल का पेशेवर रग्बी करियर एक हादसे के बाद खत्म हो गया था। नॉटिंघम रग्बी क्लब के लिए 316 मैचों में 102 ट्राई और 971 अंक बनाने वाले जैक्सन अभ्यास के दौरान साथी खिलाड़ी से सिर टकराने के बाद मैदान पर ही बेहोश हो गए थे। उन्हें दौरा पड़ा और मस्तिष्क में ब्लीडिंग हुई। डॉक्टरों ने चेतावनी दी कि सिर पर अगला झटका जानलेवा हो सकता है। हादसे के बाद उनकी शॉर्ट-टर्म मेमोरी चली गई। ऑटोनॉमिक नर्वस सिस्टम प्रभावित होने से रोजमर्रा के सामान्य काम भी मुश्किल हो गए थे। सुपरमार्केट में सामान चुनना या कमरे की रोशनी में बैठना तक उनके लिए मानसिक तनाव का कारण बन जाता था। लंबे संघर्ष के बाद जैक्सन अब स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच हैं और पूरी तरह फिट हैं। अपने अभियान में वे ब्रिटेन की गर्मी और पांच हीटवेव के बीच रोज करीब सात घंटे दौड़ रहे हैं। 14वें दिन टेंडन की चोट और शुरुआती हफ्तों में शरीर का 10% वजन कम होने के बावजूद उन्होंने दौड़ जारी रखी। इंग्लैंड, वेल्स और स्कॉटलैंड के 25 स्थानों पर 10 किमी के सर्किट में दौड़ते हुए जैक्सन अब तक 4,000 किमी से ज्यादा की दूरी तय कर चुके हैं। उनके साथ 700 से ज्यादा धावक दौड़ चुके हैं, जिनमें इंग्लैंड के अंतरराष्ट्रीय रग्बी खिलाड़ी जॉर्ज मार्टिन भी शामिल हैं।इस अभियान से जैक्सन ‘हेडवे यूके’ और ‘हेड फॉर चेंज’ के लिए करीब 12 करोड़ रुपए जुटा रहे हैं। उनका लक्ष्य ब्रेन इंजरी से प्रभावित लोगों को जरूरी मानसिक और चिकित्सकीय सहयोग उपलब्ध कराना है। जैक्सन कहते हैं कि 100 दिन बाद उनका शरीर सामान्य हो जाएगा, लेकिन ब्रेन इंजरी से प्रभावित लोगों को जिंदगी भर सहारे की जरूरत होती है।



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